चेनार स्थित बड़की बस्ती में श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन शनिवार को श्रीबालाजी सेवा धाम के महंत बजरंग दास महाराज ने कहा कि जो मूर्ति में भगवान को देखता है।
वह साधारण भक्त है। कण-कण और जीव मात्र में भगवान का अंश देखने वाला ही परम भक्त है। गर्भ में शिशु की हत्या करना महापाप है। किसी को जीवन नहीं दे सकते तो कोई बात नहीं, लेकिन जीवन छीनने का पाप कभी नहीं करना चाहिए। कथा में सभापति कृपाराम सोलंकी, रामदीन, राम सिंह सोलंकी, किशोर सुथार बेंगलुरू, हरिकिशन टाक, माणकचंद डोसी, माना राम पंचारिया, मेहराम चौधरी, कृपाराम देवडा, रमेश अपूर्वा, ओमप्रकाश सांखला, धर्मेंद्र सोलंकी, अखाराम बागडिय़ा, टीकम चंद कच्छावा, जगदीश सोलंकी, देवकिशन भाटी, शिवरतन बजाज, राधाकिशन तंवर, रामप्रसाद भाटी, बाबूलाल तंवर, रामनिवास टाक, जगदीश भादू हरियाणा, हरिराम सांखला, खींव राज टाक, प्रेमसुख सांखला व माणकचंद सांखला सहित अनेक लोग मौजूद थे। कथा के दौरान रात्रि में 8 बजे से पंडित ग्यारसीलाल शर्मा ने नानीबाई रो मायरे की कथा सुनाई।
धर्म
नागौर. चेनार की श्रीमद्भागवत कथा में सजी झांकी।