डोडा पोस्त की तस्करी करने वाले दो तस्करों को एडीजे प्रथम नागौर ने 10-10 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषियों पर एक-एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। इस प्रकरण में पांच आरोपी बरी भी हुए है। इसके साथ ही पुलिस के गिरफ्तार किए गए एक और आरोपी की अब ट्रायल शुरू होगी। एपीपी हनुमानराम पोटलिया ने बताया कि 28 दिसंबर 2013 में खींवसर थाना क्षेत्र के शीलगांव, डेहरू, जोरावरपुरा रोड पर पुलिस ने एक बिना नंबर की ट्रक को रूकवाया। जिसमें संतरे भरे थे। जांच करने पर संतरों के नीचे पुलिस को बोरो में डोडा पोस्त मिला। पुलिस ने पाया कि करीब 41 बोरों में डोडा भरा हुआ है। पुलिस ने जब उसका वजन करवाया तो उसका वजन करीब 15 क्वींटल और 56 किलो आया। इस पर पुलिस ने गोमदराम निवासी खुंडाला और कानाराम पुत्र गंगाराम निवासी खुंडाला को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही पुलिस ने एस्कॉर्ट कर रहे तीन लोगों और ट्रक के खराब होने पर क्रेन उपलब्ध करवाने वाले दो लोगों को भी गिरफ्तार कर लिया। करीब पांच साल बाद आए फैसले में आरोपी रामस्वरूप, क्रेन चालक रफीक, ओमप्रकाश, ढाबा के रामदीन और सुरजाराम को कोर्ट सबूतों के अभावों में बरी कर दिया। इनमें से कुछ पर आरोप था कि उन्होंने ट्रक के खराब हो जाने पर उसे क्रेन उपलब्ध करवाई थी।