पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • 60 साल पहले जहां होती थी तांगा दौड़, उसी कच्चे रास्तों का अवलोकन, 4 किमी दूरी घटेगी

60 साल पहले जहां होती थी तांगा दौड़, उसी कच्चे रास्तों का अवलोकन, 4 किमी दूरी घटेगी

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
सालों से लोगों की आस्था और धार्मिक मेलों से जुड़ी ऐतिहासिक तांगा दौड़ 60 साल पहले जिन कच्चे रास्तों पर होती थी, उसी का शुक्रवार को अधिकारी और कमेटी सदस्यों ने अवलोकन किया। एडीएम अशोक कुमार, एएसपी राजकुमार चौधरी, कमेटी के सदस्यों सहित पटवारी की मौजूदगी में सुबह मुंदियाड़, खरनाल गांवों में तांगा दौड़ के लिए कच्चा रास्ता तलाशने पहुंचे। सभी सबसे पहले मुंदियाड़ गांव पहुंचे।

जहां गजानंदजी महाराज के मेले से पालड़ी होते हुए तेजाजी मेला खरनाल तक कच्चे रास्ते का अवलोकन किया। खरनाल से गोवा खुर्द गांव होते हुए नागौर शहर के शीतला माता मंदिर तक आने-जाने वाले कच्चे रास्ते का अवलोकन किया। सभी कच्चे रास्तों की वीडियो ग्राफी करवाई गई, जो 16 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में तांगा दौड़ को लेकर होने वाली सुनवाई के दौरान पेश की जाएगी। ताकि जमीनी हकीकत के बारे में पूरे तरीके से स्थिति स्पष्ट की जा सके।

तांगा दौड़ के लिए कच्चे रास्तों के अवलोकन के दौरान एडीएम ने मुंदियाड़ और खरनाल सरपंचों को रास्ते के आसपास उगी झाडिय़ां हटाने के लिए कहा। मौके पर अवलोकन में अधिकारियों ने पाया कि कच्चे रास्ते की चौड़ाई 25 से 30 फीट होने के कारण तांगा दौड़ के लिए पर्याप्त है। उन्होंने क्षेत्र का अवलोकन किया और जानकारी ली।

साथ ही खरनाल से नागौर के शीतला माता मंदिर तक जाने वाले इस रास्ते से दूरी दौड़ के लिए 14 से घटकर 10 किलोमीटर रहे जाएगी। इस दौरान पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक महेश कुमार मीणा, सदस्य प्रेमसुख जाजड़ा, अल्लाबक्ष, किशनलाल लोहिया, फरीद खां, ओमप्रकाश चौधरी, पीर मोहम्मद खान, खरनाल व मुंदियाड़ सरपंच मौजूद रहे। इस दाैरान बड़ी तादाद में ग्रामीण मौजूद रहे।

क्योंकि : 5 लाख लोगों को है दौड़ का फिर इंतजार
तांगादौड़ को संस्कृति आस्था मानने वाले नागौर के लोगों ने पिछले वर्ष दौड़ के लिए अनेक प्रयास किए। लेकिन हाईकोर्ट ने अनुमति नहीं दी।

अब मामला सुप्रीम कोर्ट में होने के कारण 16 अप्रैल को होने वाली सुनवाई का 5 लाख से ज्यादा दौड़ की आस्था से जुड़े लोगों को फैसले का इंतजार है। इधर, जिला प्रशासन और गठित कमेटी के सदस्य द्वारा चेन्नई एनीमल वेलफेयर बोर्ड की शर्तों के अनुसार दौड़ के लिए सभी मापदंड पूरे करने में जुटे हुए है। जो तथ्य सुनवाई के दौरान न्यायालय के समक्ष पेश किए जाएंगे। इस आयोजन को लेकर लंबे समय से गतिरोध बना हुआ है।

नागौर. कच्चे रास्ते का अवलोकन करने पहुंचे एडीएम व कमेटी के सदस्य।

खबरें और भी हैं...