धनराज और भांजे महावीर के बीच 3 माह से जमीन का विवाद सोशल मीडिया पर चर्चा में था। लेकिन इसे सभी ने देखकर भी नजरअंदाज किया। सोशल मीडिया पर वे दोनों एक दूसरे को देख लेने की भी धमकी दी थी। इसके बाद यह मामला आपसी फायरिंग और हत्या तक पहुंच गया। हमले में शामिल महावीर को भी दो गोली लगी होने की सूचना है। सूत्रों के अनुसार, उसके चेहरे और सीने पर गोली लगी है। खून के निशान पुलिस की जब्त की गई बोलेरो पर भी दिख रहे हैं। वहीं, धनराज के सिर, पेट और कूल्हे में 7 गोली लगी।
पुलिस ने अब तक दो आरोपियों नागौर के हुक्मीचंद और लाडनूं के गोपाल को अठियासन के पास से गिरफ्तार किया है। उनके पास से एक बोलेरो और हथियार भी बरामद किए हैं। गोपाल घटना के समय मुंह पर कपड़ा लगाए हुए था। वह वारदात के बाद सीधे लाडनूं निकल गया। उसके साथ हुक्मीचंद भी था। लेकिन घटना के 24 घंटे बाद ही दोनों आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
फायरिंग करने के बाद आरोपी अठियासन, रोल होते हुए लाडनूं पहुंच गए। लाडनूं के चुंडासरिया में आरोपी गोपाल स्वामी पुत्र मदनदास का घर है। कोतवाल सुरेंद्रसिंह जोधा ने बताया कि हुक्मीचंद (24) पुत्र आशाराम को भी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने वाहन भी जब्त किया है।
नागौर. आरोपियों से जब्त गाड़ी व गेट के पास खून का धब्बा (गोले में)।
वारदात में पकड़ा आरोपी हुक्मीचंद बोला: मैं महावीर का दोस्त, इसलिए हुआ शामिल
हुक्मीचंद ने बताया कि महावीर के परिवार व धनराज के बीच लंबे समय से विवाद था। वह महावीर का मित्र था। इसलिए उसे भी वारदात में शामिल किया गया।
आरोपी का दावा
आरोपियों की माने तो पहला फायर धनराज ने किया। महावीर ने किसी को फोन कर इसककी सूचना दी। इसके बाद धनराज पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। दो जने पीछे रह गए। बोलेरो चालक ने गाड़ी भगा ली। लेकिन वह फिर लौट कर आए और दोनों शेष आरोपियों को बैठाकर भाग निकले। बोलेरो पर महावीर के खून के निशान देखे जा सकते हैं। महावीर के भी दो गोली लगी है। हालांकि पुलिस इसकी पुष्टि नहीं करती।
धनराज ने पहले फायर किया था, महावीर के दो गोली लगी
और... गोपाल को पांच लाख रुपए का लालच ले डूबा
महावीर की बोलेरो चलाने वाले गोपाल स्वामी को महावीर व अन्य ने 5 लाख रुपए का लालच दिया। इसके चलते ही उसने घटना में शामिल होने की बात कबूली है। पुलिस ने वारदात में उपयोग में ली गई बोलेरो को जब्त किया है। पुलिस ने हथियार भी जब्त किए हैं। पूछताछ में यह बात भी सामने आ रही है कि महावीर ने पहले अपने अजमेरी गेट पर ही रहने वाले एक रिश्तेदार को फोन किया और धनराज के अकेले होने की तस्दीक की। अकेले होने पर जैसे ही बोलेरो में सवार आरोपी आए तो धनराज को उन्होंने बुलाया। लेकिन वह नहीं गया और भद्दा इशारा कर दिया।
धनराज ने 2 महीने पहले लिखा था
2018 में लड़ाई तो भाई, बेटा या धनराज में से एक को खो देंगे
सबसे पहले जमीन को लेकर मार्च की 22 तारीख के आस पास सोशल मीडिया पर धनराज की ओर से लिखा गया। एक घर की फोटो के साथ धनराज ने लिखा है कि 2018 में घर व जमीन की लड़ाई हुई तो भाई या बेटा या धनराज सैनी तीनों में से एक को खो देंगे। इस लोगों ने कमेंट कर समझाया था।
22 मार्च
धनराज ने लिखा था, 2-3 बीघा जमीन का लालच परिवार बर्बाद कर देगा। धनराज ने लिखा कि उसे पता है कि महावीर उसे मारने की प्लानिंग कर रहा है। उसने राठौड़ी कुआं हत्याकांड का भी जिक्र किया। अंतिम निर्णय लेने को कहा।
25 मार्च
धनराज ने लिखा कि हम तो डूबेंगे सनम तुम्हें भी ले डूबेंगे। इसी पोस्ट पर रविवार को आरोपी महावीर ने अपने फोन नंबर देकर बात करने को कहा। धनराज ने कहा कि वह अजमेरी गेट आएगा। और फेस टू फेस बात करने की बात भी लिखी। दोनों के आमने सामने होते ही फायरिंग में धनराज की मौत हो गई।
16 मई