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बाऊ देवी ने ली थी बीमा पॉलिसी, लाभ के लिए क्लेम करने पर किया मना, अब ब्याज, जुर्माना सहित चुकानी होगी राशि

3 वर्ष पहले
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जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष मंच नागौर की ओर से भारतीय जीवन बीमा निगम को एक परिवादी को बीमा राशि ब्याज सहित लौटाने के निर्देश दिए है।

जानकारी के अनुसार बाऊ देवी प|ी उरजाराम जाट निवासी खंवर ने भारतीय जीवन बीमा निगम मण्डलीय प्रबंधक मण्डलीय कार्यालय बीकानेर तथा शाखा प्रबन्धक भारतीय जीवन बीमा निगम नागौर के खिलाफ परिवाद दिया था कि बचत के विनियोग के लिए उनकी ओर से 26 मई 2009 को प्रीमियम का भुगतान कर दिया गया था।

जिस पर बीमा पाॅलिसी जारी की गई। पाॅलिसी के तहत परिवादिया की ओर से समस्त प्रीमियम का भुगतान किया जा चुका है। पाॅलिसी के तहत पूर्णावधि बीमाधन 1,00,950 रुपए, मृत्यु लाभ 1,87,500 रुपए तथा दुर्घटना हित लाभ 1,87,500 रुपए देय थे। बीमा पाॅलिसी चालू रहने के दौरान ही परिवादिया के दुर्घटनाग्रस्त होने से उसके शरीर में 50 प्रतिशत स्थायी निर्योग्यता आ गई। इस पर परिवादिया ने पाॅलिसी में बताए गए बीमाधन दुर्घटनाहित लाभ राशि प्राप्त करने के लिए बीमा निगम के यहां दावा पेश किया। लेकिन दुर्घटना हित लाभ राशि का भुगतान नहीं किया जबकि उनका दायित्व था कि वे परिवादिया के शरीर में 50 प्रतिशत निर्योग्यता आने पर बीमा पाॅलिसी के तहत देय हित लाभ का भुगतान करते लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। इस पर परिवाद दर्ज किया गया। दोनों पक्षों से बहस सुनने के बाद मंच की ओर से आदेश दिया गया कि परिवादिया बाऊ देवी द्वारा प्रस्तुत परिवाद को स्वीकार किया जाता है। इसके साथ ही निगम को आदेश दिया गया कि बीमा पाॅलिसी के लाभ 1,87,500 रुपए 9 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज की दर से ब्याज सहित अदा की जाए। मंच की ओर से यह भी आदेश दिया गया कि परिवादिया को हुई मानसिक परेशानी के लिए 10,000 रुपए क्षतिपूर्ति प्रदान करने के साथ ही परिवाद व्यय 5,000 रुपए भी अदा किए जाए। मंच ने कहा कि आदेशों की पालना एक माह में की जाए। यह निर्णय उपभोक्ता मंच के अध्यक्ष ईश्वर जयपाल, सदस्य बलवीर खुड़खुड़िया व राजलक्ष्मी आचार्य की ओर से सुनाया गया।

जिला उपभोक्ता मंच की ओर से 10 हजार मानसिक परेशानी और 5 हजार व्यय के रूप में देने के भी निर्देश
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