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शहर में दोपहर 3 बजे तक 41 0 तापमान, शाम तक 3 बार बारिश व आेले गिरने से गर्मी से राहत
शहर में दोपहर बाद 3 बजे तक 41 डिग्री तापमान के बीच भीषण गर्मी में चल रही लू की हवाओं से लोग परेशान थे। लोग दिन के जरूरी कार्य शाम तक टाल रहे थे। वहीं आमजन की दिनचर्या भी तेज धूप और मौसम की वजह से बदली नजर आई। इसी बीच शाम को आसमान में छाए बादलों के साथ अचानक बदले मौसम के कारण सीजन की सबसे तेज बारिश दर्ज की गई। शाम 5 बजे बाद तीन बार हल्की से तेज बारिश हुई। शहर के कई हिस्सों में तेज बारिश के कारण गलियों व सड़कों पर पानी भर गया।
वहीं कुछ इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद वातावरण में ठंडक फैलने से लोगों ने गर्मी से राहत की सांस ली। दिनभर से ज्यादा शाम को शहर में चहल पहल नजर आई। बारिश का पानी शहर सहित ग्रामीणों इलाकों में भी बरसा। गोगेलाव सहित अन्य कई गांवों में हल्की से तेज बारिश हुई। बारिश के बाद किसानों के चेहरे खिले नजर आए। किसानों का कहना है कि कुछ जगहों पर अच्छी बारिश होने के कारण खेतों में फसल बुवाई से पहले खड़ाई के लिए आसानी हो गई है। वहीं बारिश के बाद मौसम में हल्की ठंडक घुल गई और आमजन को गर्मी से हल्की राहत मिली।
नागौर. बारिश के बाद सुगनसिंह सर्किल का नजारा।
आगे क्या : गर्मी कम नहीं होने संभावना
आगामी दिनों में गर्मी एक जैसी रहने की संभावना मौसम वैज्ञानिकों ने जताई है। मानना है बुधवार को जहां दिन का अधिकतम तापमान 41 डिग्री रहा वो गुरुवार से रविवार तक 42 डिग्री रहने की संभावना है।
तापमान
वार अिधकतम न्यूनतम
गुरुवार 41.00 29.00
शुक्रवार 42.00 28.00
शनिवार 42.00 27.00
रविवार 42.00 29.00
विक्षोभ की दिशा बदली, आंधी-तूफान का खतरा दूसरी बार टला
मौसम विभाग की माने तो पश्चिमी राजस्थान सहित प्रदेश के कई हिस्सों में तेज अंधड़ व हल्के तूफान का खतरा दूसरी बार टल गया है। पश्चिमी विक्षोभ का असर ईरान, अफगानिस्तान व पाकिस्तान की तरफ बढ़ रहा था, लेकिन हवाओं के रुख ने इस पश्चिमी विक्षोभ को पहले हल्का कर दिया और फिर दूसरे प्रदेशों की तरफ मोड़ दिया है, जिसकी वजह से राजस्थान में तेज आंधी व हल्के तूफान की संभावनाएं घट गई हैं। करीब एक सप्ताह पहले इराक-ईरान की तरफ से एक पश्चिमी विक्षोभ राजस्थान की तरफ बढ़ रहा था। पिछले तीन दिन में बदलती हुई परिस्थितियों की वजह से यह पश्चिमी विक्षोभ राजस्थान को नुकसान पहुंचाए बगैर आगे बढ़ गया। दिशाओं के अनुसार यह पश्चिमी विक्षोभ दिल्ली, हरियाणा व उत्तर प्रदेश की तरफ बढ़ा है, जिसका असर वहां दिखाई भी दे रहा है।