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जसवंतगढ़ के वार्ड दो में 2 साल तो कई में एक माह से जलापूर्ति बंद, महिलाओं ने मटकी फोड़ किया प्रदर्शन

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | जसवंतगढ़

कस्बे के वार्ड संख्या 2 में 2 साल से तथा कस्बे के कई मोहल्ले में एक माह से अधिक समय के बाद भी पानी सप्लाई नहीं हाेने से नाराज ग्रामीणों और महिलाओं ने जलदाय विभाग के खिलाफ यहां प्रदर्शन किया। जसवंतगढ़ में जलदाय विभाग की टंकी के पास में महिलाओं ने सुबह 9 बजे से ही धरना शुरू कर दिया। 3 घंटे की कड़ी धूप में बैठे रहने के बाद विभागीय अधिकारी लाडनूं से यहां पहुंचे। जलदाय विभाग के एईएन नवर|मल व जेईएन विजयपाल के यहां पहुंचने पर ग्रामीणों ने उन्हें पानी की समस्या से अवगत कराया और पानी को लेकर होने वाली परेशानी से उन्हें अवगत कराया। कस्बे के वार्ड संख्या 2 के अनेक लोगों ने बताया कि जब से कनेक्शन किया है, 2 वर्ष हो गए, एक दिन भी उनके घरों तक पानी नहीं पहुंचा। कस्बे के बावरियों के मोहल्ले में महिलाओं ने बताया कि करीब डेढ़ महीने से पानी को लेकर खासी परेशानी हो रही है। वार्डवासियों ने बताया कि पानी आपूर्ति नहीं होने के कारण टैंकर मंगवाने पड़ रहे है। एईएन नवर| मल तथा जेईएन विजयपाल के पहुंचने पर गांव के लोगों ने उन्हें इस परेशानी से उन्हें अवगत कराया और समस्या का जल्द समाधान नहीं करने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है। तेज गर्मी के इस मौसम के बीच क्षेत्रवासियों को पानी के लिए हो रही परेशानी से नाराज महिलाएं पानी के हौद पर चढ़ गई। इस दौरान उन्होंने पानी का जायजा लिया और बताया कि जलदाय विभाग के अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा उन्हें भुगतान पड़ रहा है। उन्होंने जलदाय विभाग के अधिकारियों से शीघ्र इस समस्या का समाधान करने की गुहार लगाई है।

महिलाएं चढ़ गई पानी के हौद पर

गच्छीपुरा क्षेत्र के कई गावों में विभागीय उदासीनता के चलते जलसंकट

गच्छीपुरा | ग्रामीणांचल में जलदाय विभाग की उदासीनता के चलते ग्रामीणों को पानी होते हुए भी पानी के संकट से गुजरना पड़ रहा है। ग्राम पंचायत ईटावा लाखा के ब्राह्मणों की ढाणी में एक साल से कर्मचारियों द्वारा जीएलआर से पानी नहीं खोलने से पानी का संकट बना हुआ है। गांव के नेमीचंद शर्मा ने बताया कि एक साल पूर्व गच्छीपुरा जलदाय विभाग के अभियंता को ज्ञापन सौंपकर बताया कि कर्मचारी और ठेकेदार की मनमानी से पानी बंद है। इसी तरह खेड़ी शीला ग्राम पंचायत का राजस्व ग्राम कुचीपला जिसमें राज्य सरकार ने पांच करोड़ 64 लाख रुपए की लागत से दस साल पूर्व योजना विकसित की लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण योजना फेल हो गई। योजना के तहत बने 17 ट्यूबवैल अब नकारा होकर धूल फांक रहे हैं। कुचीपला के गणेश वैष्णव ने बताया कि दो ट्यूबवैल हैं और पानी कम होने के कारण जल संकट है।

जसवंतगढ़. महिलाओं ने मटकियां फोड़ किया प्रदर्शन।

लीकेज से जमा होता पानी, लोगों को परेशानी

सांजू |कस्बे के नागौर चौराहा पर सड़क के किनारे पर पाइप लाइन से लीकेज होने से कीचड़ हो रहा है। ग्रामीण संग्राम राम ने बताया कि चौराहे पर यात्री वाहनों से उतरने वाले यात्रियों को पानी के कीचड़ में से निकलना पड़ रहा है। कई बार यात्री कीचड़ में फिसल जाते हैं। विभाग को जानकारी देने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ।

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