मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान की शुक्रवार को जयपुर के दुर्गापुरा स्थित कृषि प्रबंध अनुसंधान संस्थान (सियाम) में हुई कार्यशाला में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने नागौर कलेक्टर कुमारपाल गौतम के नवाचारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि नागौर में पानी की कमी है। लेकिन कलेक्टर गौतम ने इसे भी समारोह में बदल दिया। पिछले दिनों नहरी परियोजना के उद्घाटन समारोह में कलश यात्रा निकाली गई। जिले में पानी की बूंद-बूंद को सहेजने का काम हुआ है। इससे पानी सहेजने के इस अभियान को मजबूती मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी को साफ रखने के लिए नागौर में जो प्रयास हुए हैं। वे सराहनीय हैं। पानी के पारंपरिक पेयजल स्रोत टांका और तालाबों को सहेजने की दिशा में नागौर में जो काम हुए हैं। ऐसे प्रयास प्रदेशभर में भी लागू किए जा सकते हैं। नागौर में टांका निर्माण के कई उदाहरण हैं, जिन्होंने यह दिखाया है कि टीम वर्क और बेहतर प्लानिंग से कैसे हम राजस्थान को जल की दिशा में आत्मनिर्भर बनाने की ओर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने पीडब्ल्यूडी मंत्री यूनुस खान, नहरी परियोजना और पीएचईडी अधिकारियों की भी तारीफ की। इससे पहले कलेक्टर कुमारपाल गौतम ने मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के तहत नागौर में किए गए कार्यों और नवाचारों का प्रजेंटेशन दिया। इसकी सभी ने सराहना की। मुख्यमंत्री राजे ने उल्लेखनीय कार्य करने वाले अधिकारियों, कलेक्टरों तथा भामाशाहों को सम्मानित किया। उन्होंने दूसरे चरण की उपलब्धियों पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। पंचायतीराज मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि तीन चरणों में इस अभियान में 2.61 लाख जल संरचनाओं का निर्माण किया जा चुका है। करीब 88 लाख पौधे लगाए गए हैं।
सूखे से थी प्रदेश की पहचान, आज देश-दुनिया में नजीर बना
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि राजस्थान को जल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान में बेमिसाल काम हुआ है। जिस प्रदेश को लोग अकाल और सूखे के कारण जानते थे। आज वही प्रदेश इस अभियान में हुए सफल जल संरक्षण कार्यों के कारण देश और दुनिया के लिए एक नजीर बन चुका है।
ब्रिक्स देशों और आस्ट्रेलिया ने भी अपनाया हमारा अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल स्वावलंबन अभियान को ब्रिक्स देशों और आस्ट्रेलिया के मरे डार्लिंग रिवर बेसिन में अपनाने की पहल हुई है। जो यह दिखाता है कि यह अभियान कितना सफल रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकारी विभिन्न जिलों में कलेक्टरों द्वारा किए गए सफल नवाचारों को प्रदेश के अन्य स्थानों पर भी अपनाएं।
ई-पट्टा से अन्नापूर्णा रसोई तक कलेक्टर ने किए कई नवाचार
कलेक्टर गौतम ने नागौर में जल स्वावलंबन के अलावा कई अन्य क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय नवाचार किए हैं। उन्होंने ई-पट्टा नागौर, दानवीर नागौर जैसे कई मोबाइल एप से लोगों को राहत दिलवाई है। कलेक्ट्रेट में अन्नपूर्णा रसोई भी सबसे पहले नागौर में ही स्थापित की गई है। पीएम आवास योजना के लाभार्थियों को सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने का भी उन्होंने नवाचार किया था। इस योजना में नागौर प्रदेश में टॉप पर रहा है।