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यह चौराहा: बजरी से भरे ट्रैक्टर ही नहीं, यह बाजार

3 वर्ष पहले
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यह चौराहा: बजरी से भरे ट्रैक्टर ही नहीं, यह बाजार है जहां दूसरे जिलों से लोग बजरी लेने आते हैं

40 किमी क्षेत्र में हो रहा है बजरी का अवैध खनन, 5 गांवों में रात भर रहती है माफिया की गश्त

दो सर्किल मेड़ता और डेगाना, दो डिप्टी, 3 एसडीएम, रोक नहीं पाए।

जोधपुर, पाली, अजमेर, सिरोही, जयपुर तक जा रही है रियां से बजरी।

पहले 5 लीज थी। अब वह भी बंद। मगर लाठी के जोर पर हो रहा है अवैध खनन।

माफिया देता है पूरी गारंटी, आप पैसा दो, बजरी हम ठिकाने पर पहुंचा देंगे। कोई नहीं रोकेगा।

ई-रवन्ना के नाम पर पांच दिन पहले फर्जीवाड़ा पकड़ा गया, मगर खनिज विभाग के अधिकारियों ने जुर्माना वसूल कर छोड़ दिया। जबकि ई रवन्ना की जांच नहीं की।

बड़ा खुलासा: दैनिक भास्कर पहुंचा वहां, जहां रोज 200 ट्रक बजरी का अवैध खनन, अफसर जाएं तो हमलेे

लीज: 05

अवैध : 50

हाईकोर्ट के आदेश पर लीज भी बंद है

सुप्रीम कोर्ट-हाई काेर्ट की बजरी खनन पर रोक, मगर रियांबड़ी क्षेत्र में देख लें

बजरी का बाजार

आलनियावास, झींटिया, बीजाथल, लूंगिया, सूरियास हैं कारोबार के केंद्र

भास्कर टीम | नागौर/रियांबड़ी

हम दिखा रहे हैं बजरी का बाजार...। यह बाजार लग रहा है नागौर जिले के रियां इलाके के 5 गांवों में...। सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट की रोक के बावजूद यहां अवैध खनन ऐसे हो रहा है जैसे बाजार में खुलेआम उत्पाद बेचा जाता हो। न्यायालय के अादेश की पालना तो दूर की बात पुलिस और प्रशासन के अधिकारी उस क्षेत्र में भी जाने से डरते हैं, जहां पर खुलेआम बजरी निकालकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। साथ में रॉयल्टी की चोरी भी धड़ल्ले से की जाती है। अधिकारी यहां इसलिए नहीं जाते, क्योंकि उनकी जान को खतरा है, नेता इसलिए नहीं बोलते क्योंकि उनका वोट बैंक टूटने का डर है। नतीजा, यहां माफिया राज पनप गया है।

एक साल में 8 मुकदमे आपसी गैंगवार में दर्ज हुए। बाद में कुछ में राजीनामे हुए। मगर तहसीलदार पर जो हमला हुआ था। उसमें अब तक पुलिस चालान पेश नहीं कर पाई है। यह सब उस स्थिति में हो रहा है जब हाईकोर्ट ने पर्यावरण संरक्षण की चिंता जताते हुए शॉर्ट ट्रंप में भी बजरी का खनन करने से मना कर रखा है।

आदेश: कहीं भी

नहीं कर सकते खनन

क्योंकि पर्यावरण खतरे में

पुलिस: बाहर

खनन क्षेत्र में नहीं जाती कभी

सिर्फ रास्तों में ट्रक पकड़े जाते राजनेता:सभी मौन

1 जिप सदस्य को छोड़

किसी ने नहीं उठाया मुद्दा

अब माफिया राज

पहले छोटे स्तर पर था धंधा

अब माफिया के लोग आ गए

नागौर में हो रहा

5 गांवों में अवैध बजरी खनन पिछले 1 साल से

यह तस्वीर सिर्फ

रियां का अखावास इलाका, प्रशासन यहां नहीं जा पा रहा, अवैध खनन चालू है, कोई नहीं रोक सकता: भास्कर टीम 16 दिन तक इस क्षेत्र में घूमी। यहां कस्बे व हाइवे पर बजरी से भरे डंपर व ट्रैक्टर निकलते देखना तो आम बात है, लेकिन खनन क्षेत्र में जाकर फोटोग्राफी करना ताे दूर पहुंचना भी मुश्किल है, क्योंकि कोई फोटो खींचे तो हमला तय है। भास्कर टीम के लोग यहां मजदूर बनकर गए। इसके अलावा और भी ऐसी तस्वीरें मिलीं, जिसमें अवैध खनन होते साफ दिख रहा है।

कोर्ट

किसी हाल में खनन नहीं हो

सुप्रीम कोर्ट ने फर.18 में कहा था 6 से ज्यादा राज्यों में अवैध खनन के कई मामले लंबित हैं। इनमें राजस्थान भी है। जस्टिस मदन बी लोकुर और दीपक गुप्ता की बेंच ने कहा था कि यह गंभीर विषय हैं। इधर हाईकोर्ट ने भी 4 मई को प्रदेश में बजरी खनन पर रोक लगाई। खातेदारी जमीनें जहां सरकार ने लीज दी, वहां भी रोक है।

रात 8 बजे शुरू होता है खनन, रोज 150 डंपर, 400 ट्रैक्टर बजरी निकाल रहे

मुकदमे हाइवे पर

कुचेरा, मेड़ता पादू हाइवे पर ही पकड़ते हैं।

अवैध खनन रोकने के लिए सख्त निर्देश दें रखे हैं

बजरी खनन किसी हाल में नहीं होने देंगे। सख्त निर्देश दे रखे हैं। तहसीलदार, पुलिस को भी कहा है। गौरीशंकर शर्मा, एसडीएम, रियां

प्रशासनिक वजह

तहसीलदार पर हमले के बाद किसी में हिम्मत नहीं

रोज 2 करोड़ की बजरी निकाल बेचते हैं, इन्हें कोई नहीं रोकता

खुलासा इसलिए- अवैध खनन से पनपा माफिया, अफसर भी खतरे में

पुलिस ही बचा रही है माफिया को

पिछले साल फायरिंग, मारपीट, 2 थानों में, 8 मामले हुए दर्ज, अब

रियां इलाका ऐसा है, जहां पिछले साल रॉयल्टी के समय भी ठेकेदार के लोगों से अवैध खनन करने वाले भिड़े थे। फायरिंग, मारपीट भी हुई। खनन पर रोक लगी तो माफिया यहां ज्यादा हावी हो गया। दो माह पहले तहसीलदार व 2 कार्मिकों को कुचलने का प्रयास हुआ।

अब एसडीएम, तहसीलदार ने जाना ही बंद कर दिया। नए एएमई महेश पुरोहित 20 दिन पूर्व ज्वाइन कर चुके। एक बार भी जाने की हिम्मत नहीं हुई।

संसाधनों की कमी है, हम प्रयास कर रहे हैं: पुरोहित

मेड़ता, रियां, डेगाना बड़ा क्षेत्र हैं। संसाधनों की कमी है। हम कार्रवाई कर रहे हैं, आरएसी जाप्ता मांगा है। महेश पुरोहित, एएमई, खान विभाग गोटन

रोज 2 करोड़

कारोबार है अवैध खनन की बजरी बेचने का

... जिस पर हमला , वह तहसीलदार तहसीलदार सांवरलाल ने बताया कि हमला करने वाले 8 लोग पकड़े तो गए मगर पुलिस ने अभी चालान पेश नहीं किया है। वे दोबारा वहां नहीं गए, जहां पर अवैध खनन हो रहा है। हाइवे पर कार्रवाई कर रहे हैं।

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