मार्च 2003 से पहले पंजीकृत वाणिज्यिक और गैर वाणिज्यिक वाहनों का उनके मालिकों को परिवहन विभाग में दुबारा पंजीयन करवाना होगा। ऐसा नहीं करवाने पर उनकी आरसी निरस्त की जाएगी। नागौर जिला परिवहन कार्यालय के अंतर्गत कुल 17,611 वाहन ऐसे हैं, जिन्हें दुबारा पंजीयन करवाना होगा। इनमें वाणिज्यिक श्रेणी के 1,148 और गैर वाणिज्यिक श्रेणी के 16463 वाहन शामिल हैं। जिला परिवहन अधिकारी ओपी बुढानिया ने बताया कि यदि इन वाहनों का दुबारा पंजीयन नहीं करवाया तो ये सार्वजनिक स्थानों पर संचालन के योग्य नहीं होंगे। फिलहाल, विभाग ने इन वाहनों के मालिकों को नोटिस जारी कर एक महीने में दुबारा पंजीयन करवाने को कहा है।
उन्होंने बताया कि जिन वाहनों का पंजीयन 1 अप्रैल 2001 से 31 मार्च 2003 के बीच पंजीयन करवाया गया था। उनके पंजीयन को 15 साल पूरे हो चुके हैं। नवीनीकरण नहीं होने पर ऐसे वाहनों को नियमानुसार पंजीकृत वाहन नहीं माना जाएगा। मोटर वाहन अधिनियम के तहत ऐसे वाहन सड़क पर संचालक के योग्य भी नहीं हैं। विभाग ने वाणिज्यिक और गैर वाणिज्यिक वाहनों के मालिकों को सार्वजनिक रूप से अलग-अलग नोटिस जारी किए गए हैं।
वाणिज्यिक वाहनों को 15 साल बाद मिलते नए नंबर
मोटर वाहन अधिनियम के तहत वाणिज्यिक वाहनों के 15 साल बाद दुबारा पंजीयन करवाते समय नए नंबर जारी किए जाते हैं। जबकि गैर वाणिज्यिक वाहनों के पुराने नंबरों का ही नवीनीकरण किया जाता है।
मार्च 2003 से पहले पंजीकृत वाहनों के मालिकों को परिवहन कार्यालय ने जारी किए नोटिस, जिले में हैं ऐसे 17611 वाहन
परिवहन विभाग मार्च 2001 से पहले के 85 हजार वाहनों का पंजीयन पहले कर चुका है निरस्त
जिला परिवहन कार्यालय नागौर में 31 मार्च 2001 तक पंजीकृत करीब 85 हजार वाहनों का पंजीयन निरस्त किया जा चुका है। डीटीओ बुढानिया ने बताया कि पहले इन वाहनों के मालिकों को नोटिस देकर दुबारा पंजीयन करवाने को कहा था। जिन्होंने नहीं करवाया। उनके वाहनों का पंजीयन निरस्त कर दिया गया है।
गैर वाणिज्यिक श्रेणी
सीरिज क्रमांक वाहन
आरजे 21 3आर 4285 से 7775 3490
आरजे 21 सी 6884 से 7815 931
आरजे 21 ई 0103 से 0156 53
आरजे 21 3एम 2090 से 9999 7909
आरजे 21 4एम 01 से 4080 4080
वाणिज्यिक श्रेणी के वाहन
सीरिज क्रमांक वाहन
आरजे 21 जी 1083 से 1546 463
आरजे 21 टी 0355 से 0729 374
आरजे 21 पी 1124 से 1381 257
आरजे 21 ई 0102 से 156 54