पहले रोजे के दिन ही पहले जुम्मा की नमाज..... बरसों बाद इबादत का यह मंजर रोजेदारों के लिए उत्साह का रहा। शुक्रवार को पहली सेहरी, पहली इफ्तार और पहला जुम्मा, हर पल रोजेदारों का इबादत में गुजरा। अकबरी जामा मस्जिद में तकरीर करने वाले मौलाना अबुबकर अशरफी ने भी कहा कि हर हाल में रोजा रखें। गर्मी से न घबराएं। इबादत करने वाला खुदा के करीब रहता है और महफूज रहता है। जुम्मा की नमाज अकबरी जामा मस्जिद में मौलाना मुश्ताक नूरी ने अदा कराई। काजियों के चौक में शहर काजी मोहम्मद मेराज उस्मानी ने, दरगाह डोडी शरीफ में पीर गुलाब शब्बर सुलेमानी ने जुम्मा की नमाज अदा कराई। इसी प्रकार दरगाह बड़े पीर साहब, शाहजहांनी मस्जिद, फकीरों का चौक, कुम्हारी दरवाजा, नकास गेट आदि मस्जिदों में जुम्मा की विशेष नमाज हुई।
रोल| रमजान महीने के पहले जुम्मा पर दरगाह शरीफ में मौलाना आरिफ फैजानी के सान्निध्य में अकीदतमंदों ने नमाज अदा की। उन्होंने जुब्बा शरीफ की जियारत कर अमन चैन व खुशहाली की कामना की। इस दौरान रोल, रातंगा, सोमणा, मूंडवा, नागौर और तरनाऊ आदि गांवों अकीदतमंद भी मौजूद थे।
मासूमों ने पहली बार रखे रोजे
बासनी| नागौर समेत जिले में कई ऐसे बच्चे भी थे जिन्होंने पहला रोजा रखा। इस दौरान मासूम रोजेदारों ने तरावीह की नमाज अदा की। सुबह सेहरी, शाम को इफ्तार कर दुआएं मांगी गई। रोजेदार बच्चों का माला पहनाकर इस्तकबाल किया गया। रोज़ेदार शायान आज़म खान ने अल्लाह की बारगाह में सज़दा कर शुक्रिया अदा किया।
नागौर. बड़े पीर साहब की दरगाह में नमाज अदा करते लोग।
मुंबई से पहुंचे लोग, पूरे माह इबादत, हर घर में रोजेदार
बासनी| पहले जुम्मा के मौके पर बासनी कस्बे में भी पूरा मंजर अकीदत का हो गया है। पहले जुम्मे की नमाज बासनी की मस्जिदों में अदा की गई। जामा मस्जिद में जुम्मे की नमाज मौलाना नासिर अहमद की अगुवाई में हुई। मौलाना नासिर ने रोजों की अहमियत बताते हुए कहा कि रोजे रखना हर मोमीन पर फर्ज है। इससे पूर्व दोपहर 1 बजते ही पहली अजान के साथ ही नमाजी मस्जिदों की ओर आने लगे। दोपहर पौने 2 बजे तक बासनी की सभी मस्जिद नमाजियों से खचाखच भर गई। गौसिया मस्जिद में मौलाना रफीक अशरफी ने नमाज अदा करवाई। रजा मस्जिद, मक्का मस्जिद, नगीना मस्जिद, साबरी मस्जिद, गौसिया मस्जिद, आयशा मस्जिद, मदीना मस्जिद और सूफिया मस्जिद में जुम्मा की नमाज हुई। कुम्हारी गांव में मौलाना इरफान फैजानी, दूकोसी में मौलाना अमीरदीन अशफाकी की अगुवाई में नमाज अदा की गई। शाम को रोजा इफ्तारी की खरीददारी के लिए सदर बाजार में लोगों की भीड़ रही। मुंबई में व्यवसाय करने वाले बासनी के लोग रमजान माह में इबादत करने काफी संख्या में पैतृक गांव पहुंचे हैं।