अठियासन स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में 50 लाख रुपए की लागत से स्थापित जिले के पहले सीड प्रोसेसिंग यूनिट (बीज विधायकी केंद्र) का शुभारंभ केंद्रीय राज्य मंत्री सीआर चौधरी ने किया। यहां दलहनी फसल मूंग, मोठ और चना के बीजों की प्रोसेसिंग होगी। इससे हर साल 1 हजार क्विंटल उच्च गुणवत्ता का बीज किसानों को दिया जाएगा। इस यूनिट से बीज की सफाई, ग्रेडिंग और पैकिंग भी होगी। कृषि विज्ञान केंद्र ने तीनों दलहनी फसलों का 3 से 4 प्रकार की गुणवत्ता का बीज किसानों को सीजन में उपलब्ध करवाने का लक्ष्य रखा है। यूनिट शुभारंभ के मौके पर जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बलराज सिंह चौधरी, आईसीआर जोधपुर के डॉ. एसके सिंह, वैज्ञानिक एसआर कुमावत, प्रो. मनमोहन कुमावत, कृषि अधिकारी बृजपाल मंडा, उप निदेशक रविंद्र चौधरी, कृषि अनुसंधान अधिकारी श्योपाल राम जाट आदि उपस्थित थे।
सौगात
अठियासन स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में केंद्रीय राज्यमंत्री सीआर चौधरी ने किया उद्घाटन्
1 घंटे में 15 क्विंटल बीज होगा तैयार
सीड प्रोसेसिंग यूनिट 1 घंटे में 15 क्विंटल बीज की सफाई, ग्रेडिंग और पैकिंग करेगी। मशीन की दलहनी फसलों सहित 6 प्रकार की फसलों के बीज की प्रोसेसिंग करने की क्षमता है। हर किसान को 10 किलो बीज देने का लक्ष्य है। अभी 200 क्विंटल बीज केवीके तैयार कर रही है।
केंद्रीय राज्य मंत्री बोले- किसान मंडी व्यापारी के पास जो फसल बेचेगा उस पर सरकार देगी 1200 रुपए
केंद्रीय राज्य मंत्री सीआर चौधरी ने करीब 2 घंटे तक मिट्टी नमूने जांच, बीज उत्पादन व यूनिटों का निरीक्षण किया। कुलपति चौधरी ने केवीके का फीडबैक दिया। उन्होंने वैज्ञानिक तकनीक से खेती करने वाले किसानों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों का उत्पादन और आय बढ़ाने पर फोकस कर रही है। 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य है। अगली बार किसान नजदीक मंडी में किसी भी व्यापारी को फसल बेचेगा तो सरकार हर क्विंटल पर 1200 रुपए सीधे उसके बैंक खाते में जमा करवाएगी। मंडी में चाहे जिंस का भाव कुछ भी हो। वे बोले किसानों को मॉडल भाव मंडी स्तर पर उपलब्ध कराने की योजना तैयार करने पर उच्च स्तरीय कमेटी काम कर रही है। चौधरी ने कहा कि सरकार ने नागौर में कृषि कॉलेज, सीड प्रोसेसिंग व रेडियो सेंटर की सौगात दी है। शहर का गंदा पानी साफ कर खेती में काम लेने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंट प्रोजेक्ट तैयार करने में विभाग जुटा है। जो नागौर में जल्द लागू किया जाएगा।