कलेक्टर के आदेश पर 15 मई से ही जिलेभर के बीएलओ विधानसभा वार मतदाता सूचियों का द्वितीय संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्य में पहले से लगे हुए है। इधर, शुक्रवार स्कूल शिक्षा एवं भाषा विभाग प्रमुख शासन सचिव नरेशपाल गंगवार ने सभी जिला कलेक्टरों को एक आदेश जारी कर बीएलओ को शिक्षक प्रशिक्षण के लिए मुक्त करने को कहा है। इन दो आदेशों के बीच बीएलओ किसका फरमान माने? इसे लेकर बूथ लेवल के अधिकारी खुद गफलत में पड़ गए। कलेक्टरों के आदेश के बाद 15 मई को उपखंड अधिकारी द्वारा जारी आदेश व प्रमुख शासन सचिव के आदेशों को लेकर शिक्षक जगत में जबरदस्त चर्चा रही।
सोशल मीडिया पर शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने पोस्ट करते हुए लिखा है यह कैसे आदेश है? एक बीएलओ दो आदेशों की एक साथ पालना कैसे करेगा। दोनों ही आदेशों को लेकर शुक्रवार को दिनभर चर्चा का विषय बना रहा। बीएलओ भी यह नहीं समझ पा रहे थे कि आदेश किसके माने। दरअसल, नागौर उपखंड अधिकारी परसाराम टाक ने 15 मई को माध्यमिक व प्रारंभिक डीईओ को आदेश जारी करते हुए लिखा कि भारत निर्वाचन आयोग एवं कलेक्टर के आदेशानुसार 15 मई से सितंबर-2018 तक विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र नागौर की मतदाता सूचियों का द्वितीय संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्य चलेगा।
चुनाव कार्य राष्ट्रीय कार्यक्रम व अति आवश्यक कार्य होने के कारण सभी बीएलओ को अपने-अपने मतदान क्षेत्र में उपस्थित रहकर मतदाता सूचियों के दुरूस्तीकरण का कार्य एवं मतदाताओं से दावे एवं आक्षेप प्राप्त करने का कार्य किया जाएगा। ऐसे में उन्होंने दोनों डीईओ से ग्रीष्मावकाश में होने वाले प्रशिक्षण शिविर से मुक्त करवाने के लिए कहा था। इधर, शुक्रवार को प्रमुख शासन सचिव नरेश पाल गंगवार ने सभी जिला कलेक्टरों को जारी किए आदेशों में लिखा है कि भारत एवं राज्य सरकार के द्वारा राज्य की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न स्तरों पर सकारात्मक प्रयास किए जा रहे है।
इस भावना को ध्यान में रखते हुए मानव संसाधन विकास मंत्रालय एवं राज्य सरकार के संयुक्त निर्देशन में कक्षा 1 से 5 में अध्यापन कार्य करवाने वाले शिक्षकों को ग्रीष्मकालीन अवधि के दौरान छह दिवसीय आवासीय शिक्षक प्रशिक्षण लेना जरूरी है। हालांकि आदेशों में उन्होंने यह भी लिखा है कि चार चरणों में होने वाले प्रशिक्षण अवधि में से शिक्षक को किसी एक चरण के लिए बूथ लेवल अधिकारी कार्य से शिथिलता प्रदान करने को कहा है।
बड़ा सवाल
बीएलओ अब किसके आदेशों की करें पालना
एक बूथ लेवल अधिकारी के लिए कलेक्टर व प्रमुख शासन सचिव के आदेश अलग-अलग है। ऐसे में बीएलओ किसके आदेशों की पालना करें, इसे लेकर आदेशों पर ही सवाल खड़े हो रहे है। दोनों ही आदेशों को लेकर बीएलओ पूरी तरह गफलत में पड़ गए है।