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पर्यावरण बचाने पेड़ों को पिलाया पानी, यहां पर सचिव से लेकर सीएम के नाम से भी लगे हैं पौधे

3 वर्ष पहले
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हवाई पट्‌टी के पास सहस्त्र वन में 1100 पौधों को पानी पिला कर पर्यावरण को बचाने की पहल की गई। इस स्थान पर मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री, कलेक्टर, मंत्री, विधायक, स्वास्थ सचिव, आईजी, डीआईजी, प्रधान वन संरक्षक सहित कई अधिकारियों और कर्मचारियों के लगाए पौधे है। पीपल फॉर एनीमल्स की ओर से रविवार को पर्यावरण संगोष्ठी भी इस संबंध में आयोजित की गई। जिसमें समाज सेवी संस्थाओं सहित शहर के लोगों ने पेड़ों को बचाने के लिए प्रयास किए और उन्हें पानी पिलाया। इस दौरान मुख्य अतिथि शिवकरण डेलू ने कहा कि प्रकृति की रक्षा करने से ही जीवन बचेगा। भारतविकास परिषद अध्यक्ष हरिराम धारणिया ने कहा कि पेड़ों को बचाना जरूरी है। वहीं कमल सोनी ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में विश्नोई जीव रक्षा संस्था के सचिव ओमप्रकाश लेगा, पवन सारस्वत, शमा परवीन, रेखा बेड़ा, चंदाराम, भंवरलाल शर्मा, राजेश रावल, प्रकाशसिंह, प्रेमसिंह, मुंशी खां, मनोहरसिंह, महेंद्रसिंह, महेंद्र गर्वा, कैलाश, उदय, चैनाराम, सुरेश, रामकिशोर, श्रवण, हनुमान, अर्जुनराम, भंवरलाल भाटी आदि ने पेड़ों को पानी के टैंकरों से पानी पिलाया।

भास्कर संवाददाता | नागौर

हवाई पट्‌टी के पास सहस्त्र वन में 1100 पौधों को पानी पिला कर पर्यावरण को बचाने की पहल की गई। इस स्थान पर मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री, कलेक्टर, मंत्री, विधायक, स्वास्थ सचिव, आईजी, डीआईजी, प्रधान वन संरक्षक सहित कई अधिकारियों और कर्मचारियों के लगाए पौधे है। पीपल फॉर एनीमल्स की ओर से रविवार को पर्यावरण संगोष्ठी भी इस संबंध में आयोजित की गई। जिसमें समाज सेवी संस्थाओं सहित शहर के लोगों ने पेड़ों को बचाने के लिए प्रयास किए और उन्हें पानी पिलाया। इस दौरान मुख्य अतिथि शिवकरण डेलू ने कहा कि प्रकृति की रक्षा करने से ही जीवन बचेगा। भारतविकास परिषद अध्यक्ष हरिराम धारणिया ने कहा कि पेड़ों को बचाना जरूरी है। वहीं कमल सोनी ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में विश्नोई जीव रक्षा संस्था के सचिव ओमप्रकाश लेगा, पवन सारस्वत, शमा परवीन, रेखा बेड़ा, चंदाराम, भंवरलाल शर्मा, राजेश रावल, प्रकाशसिंह, प्रेमसिंह, मुंशी खां, मनोहरसिंह, महेंद्रसिंह, महेंद्र गर्वा, कैलाश, उदय, चैनाराम, सुरेश, रामकिशोर, श्रवण, हनुमान, अर्जुनराम, भंवरलाल भाटी आदि ने पेड़ों को पानी के टैंकरों से पानी पिलाया।

2 हैक्टेयर में फैला है वन क्षेत्र

यह वन करीब 2 हैक्टेयर में फैला हुआ है। यहां करीब 1000 नीम के पेड़ है। वहीं शेष सौ पेड़ विभिन्न प्रजातियों के है। हालांकि कुछ नष्ट भी हो चुके है। संस्था अध्यक्ष हिम्मताराम भांभू ने बताया कि इस वन के साथ साथ बड़ली क्षेत्र में भी वन तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि सहस्त्र वन की नींव साल 2012 में रखी गई थी। इस वन के लिए संस्था कई सालों से प्रयास कर रही है। लेकिन 2016 में कलेक्टर ने यह वन भांभू को गोद दे दिया। जिसके बाद वहां की व्यवस्था संस्था के पास है।

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