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जिला योजना समिति की बैठक में नागदा-खाचरौद विधायक ने प्रभारी मंत्री के सामने तीन दुकानों का मुद्दा उठाया

3 वर्ष पहले
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जिला योजना समिति (जियोस) की बुधवार को उज्जैन में आयोजित बैठक में नागदा-खाचरौद विधायक दिलीपसिंह शेखावत ने शहर की तीन शराब दुकानें हटाने पर जोर दिया। इसमें दो देशी और एक अंग्रेजी शराब दुकान है। तर्क यह कि यह तीनों दुकानें प्रकाश नगर, मेहतवास और दयानंद कॉलोनी में संचालित होकर रहवासी क्षेत्र में है। दुकानों पर आने वाले लोग नशे में महिलाओं से बदतमीजी करते हैं। बच्चों पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है, लेकिन शहर में ऐसी और दो दुकानें भी हैं, जो शहर के सबसे सघन रहवासी क्षेत्र में संचालित हो रही है। इन दुकानों के पास भी स्कूल, गर्ल्स कॉलेज, सरकारी अस्पताल, गुरुद्वारा, मंदिर है, लेकिन इन दुकानों का मामला नहीं उठा। हालांकि प्रभारी मंत्री ने बैठक में दुकानें स्थानांतरित करने पर कोई आदेश नहीं दिया है। विधायक को आश्वस्त जरूर किया है कि उन्हें जिन तीन दुकानों पर आपत्ति हैं, उन्हें स्थानांतरित करवाया जाएगा।

एमजी और जवाहर मार्ग के लोगों की चिंता नहीं, ज्यादा विवाद यहीं

एमजी रोड और जवाहर मार्ग पर संचालित शराब दुकान पर कोई आपत्ति नहीं है। जबकि ज्यादा विवाद इन दो दुकानों पर ही होते है। जवाहर मार्ग पर शायद ही कोई ऐसा दिन गुजरता हो जब विवाद न होता हो। एमजी रोड पर ताे शराब ठेकेदार ने एक ही जगह दो दुकान कर ली है। आगे और पीछे दोनों तरफ से शराब बेची जा रही है। इससे मुख्य मार्ग के पीछे स्थित रिहायशी इलाके के लोग भी शराबियों के उत्पात से परेशान हैं। दुकान हटाने के लिए यहां की महिलाएं 15 दिन पहले कलेक्टर और एसडीएम को शिकायत भी कर चुकी है। आश्चर्य यह कि इस दुकान पर एक युवक की हत्या तक हो चुकी है। बावजूद पीछे के रास्ते से शराब बेचने पर पुलिस ने प्रतिबंध नहीं लगाया है। जवाहर मार्ग की दुकान के 100 मीटर के भीतर ही गर्ल्स कॉलेज, सरकारी अस्पताल, गर्ल्स स्कूल, बॉयज स्कूल, दो मंदिर है।

प्रकाशनगर, दयानंद कॉलोनी व मेहतवास की शराब दुकान हटाने पर जोर, अन्य के बारे में कुछ नहीं

व्यस्ततम जवाहर मार्ग पर संचालित शराब दुकान

भास्कर संवाददाता | नागदा

जिला योजना समिति (जियोस) की बुधवार को उज्जैन में आयोजित बैठक में नागदा-खाचरौद विधायक दिलीपसिंह शेखावत ने शहर की तीन शराब दुकानें हटाने पर जोर दिया। इसमें दो देशी और एक अंग्रेजी शराब दुकान है। तर्क यह कि यह तीनों दुकानें प्रकाश नगर, मेहतवास और दयानंद कॉलोनी में संचालित होकर रहवासी क्षेत्र में है। दुकानों पर आने वाले लोग नशे में महिलाओं से बदतमीजी करते हैं। बच्चों पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है, लेकिन शहर में ऐसी और दो दुकानें भी हैं, जो शहर के सबसे सघन रहवासी क्षेत्र में संचालित हो रही है। इन दुकानों के पास भी स्कूल, गर्ल्स कॉलेज, सरकारी अस्पताल, गुरुद्वारा, मंदिर है, लेकिन इन दुकानों का मामला नहीं उठा। हालांकि प्रभारी मंत्री ने बैठक में दुकानें स्थानांतरित करने पर कोई आदेश नहीं दिया है। विधायक को आश्वस्त जरूर किया है कि उन्हें जिन तीन दुकानों पर आपत्ति हैं, उन्हें स्थानांतरित करवाया जाएगा।

एमजी और जवाहर मार्ग के लोगों की चिंता नहीं, ज्यादा विवाद यहीं

एमजी रोड और जवाहर मार्ग पर संचालित शराब दुकान पर कोई आपत्ति नहीं है। जबकि ज्यादा विवाद इन दो दुकानों पर ही होते है। जवाहर मार्ग पर शायद ही कोई ऐसा दिन गुजरता हो जब विवाद न होता हो। एमजी रोड पर ताे शराब ठेकेदार ने एक ही जगह दो दुकान कर ली है। आगे और पीछे दोनों तरफ से शराब बेची जा रही है। इससे मुख्य मार्ग के पीछे स्थित रिहायशी इलाके के लोग भी शराबियों के उत्पात से परेशान हैं। दुकान हटाने के लिए यहां की महिलाएं 15 दिन पहले कलेक्टर और एसडीएम को शिकायत भी कर चुकी है। आश्चर्य यह कि इस दुकान पर एक युवक की हत्या तक हो चुकी है। बावजूद पीछे के रास्ते से शराब बेचने पर पुलिस ने प्रतिबंध नहीं लगाया है। जवाहर मार्ग की दुकान के 100 मीटर के भीतर ही गर्ल्स कॉलेज, सरकारी अस्पताल, गर्ल्स स्कूल, बॉयज स्कूल, दो मंदिर है।

आखिर तीन ही दुकान हटाने पर क्यों अड़े विधायक

असल में मामला राजनीतिक बन गया है। सोमवार को प्रकाशनगर स्थित देशी शराब दुकान पर हुई तोड़फोड़ इसके मूल में है। इस क्षेत्र से पार्षद विनीता कमल शर्मा है। जो भाजपा से है। 20 महीने पहले वार्ड क्र-23 में देशी शराब दुकान लगाई गई थी। लंबे समय से शराब दुकान हटाने की मांग वे कर रही हैं, क्योंकि वार्ड में शहर के दो बड़े स्कूल, मस्जिद भी है। पांच दिन में दो बार वार्ड की महिलाओं को लेकर वे शराब दुकान को क्षतिग्रस्त कर चुकी है। सोमवार को विवाद इतना बढ़ा कि विधायक को भी हस्तक्षेप करना पड़ा। लोगों का कहना है कि इस दुकान के जो ठेकेदार है, वे उज्जैन के कांग्रेस नेता है।

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