नपा कर्मचारी बद्रीलाल मेहता (58) को पीटने के आरोप में घिरे भाजपा के जिला मंत्री प्रतिनिधि धर्मेश जायसवाल पर मंडी पुलिस द्वारा घटना के 14 दिन बाद भी केस दर्ज नहीं करने पर शहर कांग्रेस ने आईजी और एसपी कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी है।
शहर अध्यक्ष सुबोध स्वामी ने बताया पुलिस सत्तापक्ष के दबाव में पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। जांच का बहाना किया जा रहा है। मंगलवार तक पुलिस ने प्रकरण दर्ज नहीं किया तो बुधवार काे उज्जैन पहुंचकर आईजी कार्यालय और एसपी कार्यालय का घेराव करेंगे। शहर अध्यक्ष स्वामी का दावा है कि मंडी थाने में धर्मेश के खिलाफ कोई प्रकरण दर्ज नहीं हुआ है। यदि ऐसा है तो टीआई मीडिया प्रतिदिन भेजी जाने वाली डीएसआर में इसका उल्लेख करते। इधर, मंडी टीआई का कहना है कि मारपीट की सूचना पर 323 में मामला दर्ज किया है। झूठ लगे तो कोई भी कोर्ट में चुनौती दे सकता है।
टीआई ने ऐसी चोट को भी बताया मामूली
9 मई को एसपी से मिलकर की थी शिकायत, अब भी एसपी कह रहे- दिखवाता हूं
मनमुटाव की बात पर पीटा, पुलिस से शिकायत की तो फिर मारा
घटनाक्रम 7 मई शाम 7 बजे का है। धर्मेश जायसवाल जो कि पूर्व में दो बार भाजपा के मंडल अध्यक्ष भी रह चुके हैं। इनके परिवार से बद्रीलाल मेहता के अच्छे संबंध हैं। मेहता धर्मेश के पिता के काफी करीबी भी हैं। पुलिस को शिकायत में बद्री ने बताया धर्मेश को जायसवाल परिवार ने पृथक कर रखा है। उससे मेलजोल भी नहीं रखते। इसका कारण धर्मेश उन्हें मानता है। इसी द्वेषता में 7 मई को धर्मेश ने उनके घर में घुसकर उन्हें लाठियों से बुरी तरह पीटा। पुलिस को शिकायत की तो रात 10 बजे फिर से घर में आकर दोबारा पीटा।
एक्सपर्ट व्यू... पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं तो कोर्ट जा सकते हैं
फरियादी अगर पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है तो वो मेडिकल के आधार पर अपना कोर्ट में मामला फाइल कर सकता है। मेडिकल ग्राउंड पर धारा में इजाफा या बदलाव कोर्ट कर सकती है। - लकी जैन, अधिवक्ता इंदौर हाइकोर्ट
...तब डॉक्टर भी बोली थीं- ऐसे तो कोई जानवर को भी नहीं पीटता
गौरतलब है कि बद्रीलाल के शरीर पर चोट के निशान देख मेडिकल करने वाली सरकारी अस्पताल की डॉ. भारती जोशी ने स्पष्ट कहा था कि ऐसे तो कोई किसी जानवर को भी नहीं पीटता। लेकिन मंडी पुलिस को बद्रीलाल के घाव में भी साजिश की बू आ रही है। इसलिए फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
1 सवाल...3 जवाब
नपा कर्मचारी को घर में घुसकर पीटा गया, फिर भी केस दर्ज क्यों नहीं हो रहा?
सचिन अतुलकर, एसपी... आपने मामला जानकारी में दिया है। मैं संबंधित थाने से पता कराता हूं कि आखिर प्रकरण क्यों नहीं दर्ज हुआ।
मानसिंह परमार, सीएसपी... अगर नपा कर्मचारी के साथ मारपीट हुई है तो प्रकरण भी दर्ज हुआ ही होगा।
अजय वर्मा, टीआई... धारा 323 में मामला दर्ज किया था। मेडिकल रिपोर्ट में चोटें मामूली हैं। जिन्हें ऐसा लग रहा है कि मैं झूठ बोल रहा हूं, वो मुझे कोर्ट के माध्यम से चुनौती दे सकते हैं।