नागदा द्य महर्षि पतंजलि संस्कृत गुरुकुल समिति द्वारा बिरला मंदिर परिसर में भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के पांचवें दिन साेमवार को गोवर्धन पूजा कर प्रभु को 56 भोग लगाया गया। कथावाचक आचार्य श्री रामस्वरूप ब्रह्मचारी ने विपत्ति के समय भी साहस और सरलता का परिचय देने की बात कही। क्योंकि साहस व सरल व्यवहार से हर विपत्ति का समाधान किया जा सकता है। मुख्य यजमान शिक्षक गोवर्धन विश्वकर्मा के पिता बालमुकुंद विश्वकर्मा हैं। वहीं तपती गर्मी में कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं के लिए हनुमानप्रसाद शर्मा द्वारा आरओ वाटर की व्यवस्था की गई है।