दुबई में नौकरी दिलाने के नाम पर 11 युवकों से 2 लाख 40 रुपए की धोखाधड़ी हुई है। दुबई में 23 हजार प्रतिमाह वेतन पर काम करने के लिए 11 युवकों ने मुंबई के एजेंट को 2.40 लाख रुपए दिए। एजेंट ने टूरिस्ट वीजा पर युवकों को दुबई भी भेज दिया, लेकिन जब युवक दुबई पहुंचे तो कोई नौकरी नहीं दी, बल्कि प्रताड़ित होते रहे। जैसे-तैसे मजदूरी कर उन्होंने परिजन से संपर्क साधा। परिजन से टिकट मंगवाकर वह वापस शहर लौटे। जब युवक मुंबई एजेंट के कार्यालय पहुंचे तो ताला लगा था और एजेंट फरार हो गया था।
चंबल मार्ग निवासी शरीफ खान ने बताया एक इंजीनियर पोकलेन का काम कराने उसके पास आता था। उसका काम देख उसने उसे काम का लालच दिया तो उसने मना कर दिया। इसके बाद उसने युवाओं की नौकरी विदेशों में लगाने की बात कही। उसकी बात पर भरोसा नहीं हुआ तो उसने अलाउद्दीन और मुंबई के एजेंट मुस्तफा से मिलाया। उन्होंने दुबई में 1200 रुपए दीरहम (23000 हजार रुपए प्रतिमाह) दिलाने का वादा किया। 11 युवकों से 20000 हजार रुपए के मान से दो लाख 40 हजार रुपए लेकर वीजा उपलब्ध कराने की बात कही। 1 नवंबर 2017 को शाबिर पिता बशीर, भूरू पिता छोटे खां, जाफर खां पिता इस्लाम, असलम पिता अजीज खां, शौकत पिता बशीर खां, इलियास पिता शेरू खां, आजम पिता बदरूद्दीन, नाहरू पिता अहमद, मोहसीन पिता सत्तार, बबलू खां पिता मोहम्मद हुसैन को टूरिस्ट वीजा से दुबई भेज दिया।
युवक जब दुबई पहुंचे तो पता चला कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। करीब एक माह तक मजदूरी कर जैसे-तैसे समय निकाला। जहां मजदूरी की उसने पैसा भी नहीं दिया। वीजा की समय अवधि पूर्ण होने पर युवकों ने परिजन से संपर्क किया और टिकट मंगवाकर देश को लौटे। जब मुंबई के एजेंट मुस्तफा के कार्यालय पहुंचे तो वहां ताला लगा हुआ मिला। मामले को लेकर शरीफ ने उच्चस्तरीय पर शिकायत की तैयारी की है।