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स्वीमिंग पूल शुरू, तैराकी पर लगी रोक, कारण ट्रेनर और रोस्टर तय करने में लगेगा वक्त
3 करोड़ 15 लाख के स्वीमिंग पूल के सोमवार शाम लोकार्पण के बाद पहली डुबकी लगाने वाले केंद्रीय मंत्री थावरचंद गेहलोत के गृहनगर की जनता को फिलहाल पूल में तैरने की इजाजत नहीं है। पूल का विधिवत शुभारंभ होने के बाद मंगलवार को सुबह से शाम तक यहां तैराकी के शौकीन पहुंचे। मगर कर्मचारियों ने यह कहकर लौटा दिया कि अभी ट्रेनर नहीं है। इसलिए किसी को तैरने की अनुमति नहीं है। नपा के लोक निर्माण विभाग सभापति हरीश अग्रवाल ने बताया महिला और पुरुषों के साथ बच्चों के तैरने का समय भी तय करना है। एडमिट कार्ड भी अभी तैयार नहीं है। दो दिन में सभी व्यवस्थाएं पूरी कर पूल में तैरने की अनुमति दी जाएगी। अग्रवाल ने ट्रेनर की नियुक्ति होने का दावा किया है। पूल शुरू होने की सूचना पर मंगलवार को यहां पहुंचे बच्चे सबसे ज्यादा मायूस हुए।
बस स्टैंड को शुरू होने में भी लगेगा वक्त
यही स्थिति सोमवार को ही लोकार्पित हुए नए बस स्टैंड पर भी नजर आई। उद्घाटन के बाद शगुन के लिए भी यहां एक भी बस नहीं रुकी। यहां भी कुछ व्यवस्थाएं अधूरी हैं। इसलिए फिलहाल बायपास से होकर गुजर रही लंबी दूरी की बसें स्टैंड के भीतर हॉल्ट करने की बजाए बाहर स्थित होटलों पर ही रुक रही है।
तैरने के लिए अभिभावकों के साथ पहुंचे बच्चे मायूस हुए।
भास्कर संवाददाता | नागदा
3 करोड़ 15 लाख के स्वीमिंग पूल के सोमवार शाम लोकार्पण के बाद पहली डुबकी लगाने वाले केंद्रीय मंत्री थावरचंद गेहलोत के गृहनगर की जनता को फिलहाल पूल में तैरने की इजाजत नहीं है। पूल का विधिवत शुभारंभ होने के बाद मंगलवार को सुबह से शाम तक यहां तैराकी के शौकीन पहुंचे। मगर कर्मचारियों ने यह कहकर लौटा दिया कि अभी ट्रेनर नहीं है। इसलिए किसी को तैरने की अनुमति नहीं है। नपा के लोक निर्माण विभाग सभापति हरीश अग्रवाल ने बताया महिला और पुरुषों के साथ बच्चों के तैरने का समय भी तय करना है। एडमिट कार्ड भी अभी तैयार नहीं है। दो दिन में सभी व्यवस्थाएं पूरी कर पूल में तैरने की अनुमति दी जाएगी। अग्रवाल ने ट्रेनर की नियुक्ति होने का दावा किया है। पूल शुरू होने की सूचना पर मंगलवार को यहां पहुंचे बच्चे सबसे ज्यादा मायूस हुए।
बस स्टैंड को शुरू होने में भी लगेगा वक्त
यही स्थिति सोमवार को ही लोकार्पित हुए नए बस स्टैंड पर भी नजर आई। उद्घाटन के बाद शगुन के लिए भी यहां एक भी बस नहीं रुकी। यहां भी कुछ व्यवस्थाएं अधूरी हैं। इसलिए फिलहाल बायपास से होकर गुजर रही लंबी दूरी की बसें स्टैंड के भीतर हॉल्ट करने की बजाए बाहर स्थित होटलों पर ही रुक रही है।