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अंडर ग्राउंड बनेंगे नाले, दूषित पानी का करेंगे ट्रीटमेंट, चंबल होगी प्रदूषण से मुक्त

3 वर्ष पहले
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अमृत योजना में 100 करोड़ का प्रोजेक्ट, अफसरों ने बनाई रूपरेखा

भास्कर संवाददाता | नागदा

चंबल में गंदे नाले के माध्यम से मिल रहे रसायनयुक्त पानी पर जल्द ही ब्रेक लग जाएगा। यही नहीं शहर का सीवरेज भी अंडर ग्राउंड हो जाएगा और शहर स्वच्छ नजर आने लगेगा। नाले के गंदे पानी का भी ट्रीटमेंट होगा और इसके बाद निकलने वाले कचरे से खाद बनाकर किसानों को दी जाएगी। जी हां, यह सबकुछ होगा अमृत योजना के तहत 100 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट से। इसके लिए दिल्ली व भोपाल की टीम ने निरीक्षण किया। अब जल्द ही डीपीआर बनाई जाएगी।

इन स्थानों पर बनेगा ट्रीटमेंट प्लांट- टीम द्वारा 6 घंटे तक शहर के सीवरेज वाटर को लेकर निरीक्षण किया गया। इसमें टीम ने जूना नागदा, दशहरा मैदान, टापरी क्षेत्र, मेहतवास, पाड़ल्याकलां में ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण के लिए स्थान चयनित किए हैं। नाले के पानी का ट्रीटमेंट कर इसे उपयोगनुमा बनाकर पौधों को दिया जाएगा। इसके अलावा ट्रीटमेंट के बाद निकलने वाले कचरे से नपा खाद बनाकर किसानों को उपलब्ध कराएगी। विधायक दिलीपसिंह शेखावत ने बताया मुख्यमंत्री से मांग पर योजना की शुरुआत की जा रही है। इससे चंबल में रसायनयुक्त पानी मिलना बंद हो जाएगा। वहीं किसानों को सिंचाई के लिए पानी व खाद भी उपलब्ध होगी।

पूर्व में भी था ट्रीटमेंट प्लांट- बता दें कि चंबल में रसायनयुक्त पानी मिलने से रोकने के लिए पूर्व में भी ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना की गई थी। जहां डेम निर्माण के साथ उपकरण भी लगाए गए थे। योजना के तहत नर्सरी का निर्माण भी हुआ था और ट्रीटमेंट के बाद पौधों को पानी भी दिया जाने लगा था, लेकिन योजना ध्वस्त होने से चंबल में रसायनयुक्त पानी का मिलना रुका ही नहीं।

नगरीय प्रशासन ने भी दी है 25 करोड़ की स्वीकृति

योजना में जहां सीवरेज वाटर को अंडर ग्राउंड करना है। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा भी चेतनपुरा व उद्योग से निकल रहे नाला निर्माण के लिए 25 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है। बता दें कि उद्योग निर्माण के बाद से ही नाला कच्चे रूप में बह रहा है। लगभग 66 साल बाद नाले को पक्का करने की योजना शुरू हुई है। इससे चंबल में रसायनयुक्त पानी का मिलना बंद होगा तो नाले के अासपास की बस्ती भी स्वच्छ नजर आने लगेगी। वर्तमान में नाले के पानी की वजह से कीचड़ व गंदगी की भरमार रहती है।

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