नागदा | कभी न सुना कि गीता और कुरान लड़ते हैं, फिर क्यों हिन्दू और मुसलमान लड़ते हैं। ऐसे ही सटिक शब्दों के बाण चले रविवार रात साहित्य जागरण मंच द्वारा बस स्टैंड पर आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन उल्लारा खाय में। रविवार रात 11 बजे शुरू हुई कविता की महफिल में नागदा के कमलेश दवे सहज ने वर्तमान राजनीति और जातिवाद पर प्रहार किए। सहज ने शब्दों के बाण से राजनीति में हस्तक्षेप करते हुए भाजपा और कांग्रेस के राजनीतिक मूल्यों को दरकिनार करने पर भी कटाक्ष किया। उलारा खाय हास्य कवि सम्मेलन में मप्र और राजस्थान के कवियों ने भी खूब दाद बटोरी । सम्मेलन में शांति तूफान (निंबाहेड़ा), दिनेश दिग्गज (उज्जैन), प्रेम शास्त्री (बिलासपुर), दीपक पारिक (भीलवाड़ा), अंकिता चिंगारी (विजयनगर राजस्थान), राहुल शर्मा (शाजापुर), कानू पंडित (नाथद्वारा) ने श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा। अतिथि विधायक दिलीपसिंह शेखावत, नपाध्यक्ष अशोक मालवीय, रघुनाथसिंह बब्बू, जगदीश गुर्जर, डाॅ. एसआर चावला, डाॅ. अनिल दुबे, लईक अहमद अंसारी, रामअवतार शर्मा, राजेंद्र कांठेड़, पूर्व विधायक लालसिंह राणावत, पूर्व नपा अध्यक्ष गोपाल यादव, नपा उपाध्यक्ष सज्जनसिंह शेखावत, भाजपा मण्डल अध्यक्ष राजेश धाकड़ आदि थे। वहीं मंच अध्यक्ष कमलेश दवे, बाबूलाल सैनी, अशोक राठौड़ आदि भी मौजूद रहे।