16 करोड़ रुपए की लागत से गढ़ी भैसोला में बनने वाले 132 केवी ग्रिड से 77 गांवों के 12 हजार घरेलू व सिंचाई उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। खास तौर से ग्रिड निर्माण के बाद रुनखेड़ा, बंजारी, बटलावदी, आक्याजागीर, माेकड़ी, घिनौदा, खुरमुंडी के 33 केवी ग्रिड के किसानों व ग्रामीण उपभोक्ताओं को वोल्टेज की समस्या से निजात मिलेगी।
यह बात 132 केवी ग्रिड के भूमिपूजन पर विधायक दिलीपसिंह शेखावत ने कही। शेखावत ने बताया ग्रिड पर 50 मेगावाट का ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। शेखावत ने बताया 2003 में मप्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की समस्या की ओर ही ध्यान दिया गया। 33 केवी नवीन 14 ग्रिड बनाए गए, जबकि कांग्रेस के 50 सालों में केवल 11 ग्रिड 33 केवी के लगे थे। भाजपा ने ही गांव में 24 घंटे घरेलू व सिंचाई के लिए 10 घंटे बिजली दी है। 4 सालों में विधानसभा में 33 केवी की 190 किमी लाइन पर 4 करोड़ 53 लाख रुपए, 11 केवी की 708 किमी लाइन पर 12 करोड़ 40 लाख रुपए, 152 किमी एलटी लाईन पर 3 करोड़ 4 लाख रुपए, 4007 छोटे ट्रांसफार्मर पर 60 करोड़ 10 लाख रुपए खर्च किए गए हैं। वहीं कमठाना, सुरेल, संदला, बड़ागांव में हवा से बिजली बनाने के कारखाने करीब 400 करोड़ रुपए खर्च कर लगाए गए हैं। जिससे लोगों को रोजगार मिला है तो वोल्टेज समस्या का निदान भी हुआ है।
शेखावत ने 132 केवी के दोनों ग्रिड बुरानाबाद व गढ़ी भैसोला 2003 में भाजपा की सरकार बनने के बाद शुरू हुए। सोलर लाइट, घरेलू व स्ट्रीट लाइट भी 17 ग्रामों में लगाई गई। जिसमें 98 स्ट्रीट लाईट 1.61 करोड़ की लगाई गई है। शेखावत के मुताबिक 1050 किमी केवी लाइन 28.38 करोड़ रुपए की लागत से बिछाई गई है।