भक्तिसागर में गोते लगा रहे हैं शिव भक्त
नाला प्रखंड के देवली मौजा स्थित देवलेश्वरधाम में पिछले 6 दिनों से भक्ति रस प्रवाहित होने लगा है। यहां पिछले 3 दिनों से डेरा डाले हुए दुकानदार, शिवभक्त एवं श्रद्धालु सभी के दिल दिमाग में सिर्फ श्रद्धा और भक्ति भरा हुआ है। चड़कपूजा उत्सव के पांचवे दिन शुक्रवार को सुबह करीब आठ बजे से दीप ले महिला व्रतियों का पहुंचना शुरू हो गया है। यहां परंपरा रही है कि दीप जलाकर बाबा की उपासना में लीन रहने से परिवार में सुख समृद्धि भरा रहता है तथा मन्नतें पूरी होती है। इस संबंध में मंदिर के पूजारी ने बताया कि सुबह से आने की सिलसिला देखकर ऐसा लगता है कि इसबार दीप जलाने के लिए तीन हजार से अधिक संख्या में ब्रती बाबा के दरबार में पहुंचेंगे। इधर पूर्व की तरह शुक्रवार की रातभर फुलखेला, कोड़ा प्रहार आदि धार्मिक करतब प्रस्तुत करने के लिए शिव भक्तों को पूरी तरह से तैयार देखा गया।
चड़क उत्सव का आकर्षण केंद्र रहा भक्त मिलन अनुष्ठान
वर्षों पुरानी परंपरा एवं लोकास्था के अनुरूप चड़कमेला उत्सव में शिव भगवान की पूजा, उपासना एवं भक्तिमय वातावरण में उनकी सेवा करने का अनूठा अवसर पर मिलता है। शायद यही कारण है कि इस धार्मिक पर्व के मौके पर नाला क्षेत्र के देवलेश्वरधाम, कर्दमेश्वर, कालींजर समेत विभिन्न शिवालयों में शिवभक्तों का तांता लग जाता है। खासकर देवलेश्वरधाम के शिवभक्त नाला गांव स्थित कर्दमेश्वर धाम पहुंचकर वहां के शिवभक्तों के साथ मिलन अनुष्ठान का रस्म निभाते हैं। इस बार भी कर्दमेश्वर बाबा के दरवार में भक्त का मिलन, आदर सत्कार के साथ साथ संयुक्त धार्मिक गतिविधियों का दर्शन करने के लिए महिला पुरूष एवं बच्चे काफी संख्या में उपस्थित होते थे। बाबा देवलेश्वर धाम में चड़कपूजा मेला में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए नाला थाना पुलिस के अलावा जिला सशस्त्र बल एवं दंडाधिकारी नियुक्त किया गया है। इतना ही नहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नाला, मेसो अस्पताल कुंजबोना तथा ग्रामीण चिकित्सक संघ के द्वारा अलग अलग स्टाॅल लगाया गया है।
देवलेश्वरधाम में सैकड़ों की संख्या में पहुंचे शिव भक्त।
देवलेश्वरधाम में अनुष्ठान करते श्रद्धालु।
भास्कर न्यूज|नाला
नाला प्रखंड के देवली मौजा स्थित देवलेश्वरधाम में पिछले 6 दिनों से भक्ति रस प्रवाहित होने लगा है। यहां पिछले 3 दिनों से डेरा डाले हुए दुकानदार, शिवभक्त एवं श्रद्धालु सभी के दिल दिमाग में सिर्फ श्रद्धा और भक्ति भरा हुआ है। चड़कपूजा उत्सव के पांचवे दिन शुक्रवार को सुबह करीब आठ बजे से दीप ले महिला व्रतियों का पहुंचना शुरू हो गया है। यहां परंपरा रही है कि दीप जलाकर बाबा की उपासना में लीन रहने से परिवार में सुख समृद्धि भरा रहता है तथा मन्नतें पूरी होती है। इस संबंध में मंदिर के पूजारी ने बताया कि सुबह से आने की सिलसिला देखकर ऐसा लगता है कि इसबार दीप जलाने के लिए तीन हजार से अधिक संख्या में ब्रती बाबा के दरबार में पहुंचेंगे। इधर पूर्व की तरह शुक्रवार की रातभर फुलखेला, कोड़ा प्रहार आदि धार्मिक करतब प्रस्तुत करने के लिए शिव भक्तों को पूरी तरह से तैयार देखा गया।
चड़क उत्सव का आकर्षण केंद्र रहा भक्त मिलन अनुष्ठान
वर्षों पुरानी परंपरा एवं लोकास्था के अनुरूप चड़कमेला उत्सव में शिव भगवान की पूजा, उपासना एवं भक्तिमय वातावरण में उनकी सेवा करने का अनूठा अवसर पर मिलता है। शायद यही कारण है कि इस धार्मिक पर्व के मौके पर नाला क्षेत्र के देवलेश्वरधाम, कर्दमेश्वर, कालींजर समेत विभिन्न शिवालयों में शिवभक्तों का तांता लग जाता है। खासकर देवलेश्वरधाम के शिवभक्त नाला गांव स्थित कर्दमेश्वर धाम पहुंचकर वहां के शिवभक्तों के साथ मिलन अनुष्ठान का रस्म निभाते हैं। इस बार भी कर्दमेश्वर बाबा के दरवार में भक्त का मिलन, आदर सत्कार के साथ साथ संयुक्त धार्मिक गतिविधियों का दर्शन करने के लिए महिला पुरूष एवं बच्चे काफी संख्या में उपस्थित होते थे। बाबा देवलेश्वर धाम में चड़कपूजा मेला में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए नाला थाना पुलिस के अलावा जिला सशस्त्र बल एवं दंडाधिकारी नियुक्त किया गया है। इतना ही नहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नाला, मेसो अस्पताल कुंजबोना तथा ग्रामीण चिकित्सक संघ के द्वारा अलग अलग स्टाॅल लगाया गया है।
धर्म ध्वज अर्पण करने पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालु
संतान प्राप्त करने तथा परिवार में सुख चैन कायम रखने की मन्नत करते हुए बाबा मंदिर में धर्म ध्वज अर्पण करने की प्रथा भी काफी प्रचलित है। ढोल, ढाक बजाते हुए श्रद्धालु बाबा की जयकारा करते हुए मंदिर तक पहुंचते हैं। मिली जानकारी के अनुसार मंदिर के निकटवर्ती गांवों से ये छोटे छोटे श्रद्धालु अपने परिवार के साथ हाथों में धर्म ध्वज लेकर सैकड़ों की संख्या में मंदिर पहुंचते है। समाज में मान्यता और भरोसा है कि बच्चों के द्वारा ध्वज चढ़ाने से बच्चे स्वस्थ होकर दीर्घायु प्राप्त करते हैं। शायद यही वजह है कि छोटे छोटे बच्चे भी दो तीन किमी दूरी तय कर मंदिर पहुंचते हैं।
दंडवत प्रणाम कर मंदिर पहुंचते दिखे श्रद्धालु
स्वस्थ्य रहने, सुखी रहने, संतान प्राप्त करने आदि अपनी मुरादें पूरी होने के लिए देवलेश्वरधाम में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। विशेषकर इस कड़ी धूप और गरमी के बावजूद दंडवत प्रणाम करने का सिलसिला जारी है। मंदिर के निकटस्थ जलाशय से महिला और पुरूष श्रद्धालु बाबा मंदिर का परिक्रमा करते हुए महादेव की पूजार्चना करते हैं।