अराजपत्रति कर्मचारियों ने स्थानीय समस्याओं को लेकर महासंघ के मुख्य संरक्षक तारणी प्रसाद कामत और राज्य महासचिव सुबल किशोर ठाकुर के नेतृत्व में सोमवार को महासंघ के एक शिष्टमंडल उपायुक्त एवं डीडीसी जामताड़ा से मिला। इस दौरान शिष्टमंडल ने उपायुक्त ने मिलकर कर्मचारी महासंघ एवं उपायुक्त के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण में वार्ता संपन्न हुई। 5 सूत्री मांग पत्र उपायुक्त को सौंपा गया। वार्ता में जिलाध्यक्ष मीना कुमारी, जिला सचिव अर्जुन प्रसाद सिंह, संयुक्त सचिव लखीराम कोल, अरबिंद प्रसाद, बैजु झा शामिल थे।
इसके अलावा झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ जनसेवक संवर्ग के लंबित मांगों की पूर्ति के लिए उपविकास आयुक्त को भी आवेदन सौंपा। आवेदन में कहा गया है कि लंबी अवधि बीत जाने के बाद भी जनसेवक की मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जिस कारण जनसेवक संवर्ग में निराशा एवं जिला प्रशासन के प्रति असंतोष बढ़ रहा है। कहा गया कि जनसेवक का तीन वर्ष से अधिक सेवा अवधि हो जाने के बाद भी उनका सेवा संपुष्टी नहीं हुआ है। वर्ष 2016-17 में आर्थिक नुकसान सहना पड़ा है। राज्य सरकार ने जनसेवकों को मनरेगा कार्य से मुक्त करने का निर्देश दिया गया है बावजूद बीडीओ द्वारा मुक्त नहीं किया जा रहा है। मौके पर महासंघ के पदाधिकारी मौजूद थे।
क्या है मांगें
आर्हताधारी जनसेवकों को एसीपी/एमएसीपी का लाभ देने, सेवा संपुष्ट करने, जनसेवकों से पारस्परिक/व्यक्तिगत स्थानांतरण के लिए प्राप्त अभ्यावेदन पर विचार करने, जनसेवकों से कृषि कार्य के अलावा अन्य कार्यों से मुक्त करने, विभागीय प्रशिक्षण/परीक्षा की समुचित व्यवस्था करने, स्थानांतरित जनसेवक अमरेंद्र झा को नाला प्रखंड कार्यालय में योगदान कराने, समय पर वेतन देने की मांग शामिल है।