500 आयंबिल की पूर्णाहुति, वरघोड़ा निकला
भास्कर संवाददाता | आगर-मालवा
दीक्षित हुई साध्वी विरागरसाश्रीजीमसा के 500 आयंबिल की पूर्णाहुति व पांच दिवसीय पंचाह्निका महोत्सव के तहत शुक्रवार सुबह 8 बजे इंदौर-कोटा मार्ग स्थिति वासुपूज्य तारकधाम जैन मंदिर से जैन सोश्यल ग्रुप द्वारा सकल जैन समाज की नवकारसी के बाद मुनिश्री आगमर|सागरजीम.सा.,मुनि प्रशमर|सागरजीमसा एवं प्रवचन प्रभावक मुनि वज्रर|सागरजीमसा, साध्वीवर्या गुणज्ञाश्रीजीमसा,सुरेखाश्रीजीमसा, कल्पद्रुमाश्रीजीमसा, चारित्ररसाश्रीजी मसा, विरागरसा श्रीजी मसा, नवपूर्वरसाश्रीजी मसा, प्रियमरसाश्रीजी मसा, श्रीयमरसाश्रीजी मसा आदि ठाणा की निश्रा में वरघोड़ा निकाला गया। आगे हाथी पर कमलकुमार धरमचंद कोठारी परिवार के तपस्वी सवार रहे।
वरघोड़े में हिम्मत नगर का बैंड, बीरमगांव की शहनाई, रंगोली मंडल, गुरु अपूर्वमंगलर|सागर की पालकी, परमात्मा की वेदीजी समाज के युवा अपने कंधों पर लिए चल रहे थे। आगे समाजजन जगह-जगह गहुली कर रहे थे। वरघोड़े में आगे पीपलोन के बच्चों का मंडल, प्रतापगढ़ का युवाओं का बैंड, इंदौर की महिला मंडल, बड़ौद का महिला मंडल, नलखेड़ा का महिला मंडल, पिपलोन महिला मंडल एवं बालिका मंडल, नवर| महिला मंडल बेरछा, नवर| बालिका मंडल आगर के वासुपूज्य महिला मंडल, सूर्यज्योति महिला मंडल, मनोहर महिला मंडल कलश लिए चल रहे थे। वरघोड़े में मुंबई, मैसूर, हिंगनघाट इंदौर, उज्जैन, प्रतापगढ़, चौमहला, डग, बड़ौद, पिपलोन, नलखेड़ा, बेरछा एवं विभिन्न नगरों से आए नवर| परिवार, मालवा महासंघ के कार्यकर्ता शामिल थे। कांग्रेस, जनता युवा मोर्चा, विश्व हिंदू परिषद, आगर नवर| परिवार ने अस्पताल चौराहे पर व अलग-अलग जगह स्वागत किया।
गोपाल मंदिर चौराहे पर पूज्यश्री ने गायों के लिए युवाओं द्वारा लाई गई पानी की ठेल शुभारंभ किया व गोपाल मंदिर महावीर प्याऊ के कार्यकर्ताओं ने वरघोड़े का ठंडाई से स्वागत किया और जगह-जगह पानी के स्टाल भी लगाकर युवाओं ने लोगों की प्यास बुझाई। वरघोड़ा विभिन्न मार्गों से होता हुआ ओसवाल भवन में धर्मसभा में परिवर्तित हो गया। जहां पर पूज्यश्री ने तप की महिमा बताई। मांगलिक प्रवचन दिए, सकल जैन श्रीसंघ का साधार्मिकवात्सल्य हुआ, इसके लाभार्थी गौतम कुमार प्रेमचंद जैन पटमागली थे। बाहर से आए मेहमानों का आभार समाज सचिव मनीष गांधी ने माना। जानकारी समाज के अशोक नाहर ने दी।
वरघोड़े में हाथी पर विराजमान तपस्वी।
इस तरह निकला नगर में वरघोड़ा।