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9 साल पहले बनाई थी टंकी, उपयोग अब तक नहीं हो सका

3 वर्ष पहले
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नामली तहसील का बड़ा गांव सेमलिया। यहां पानी की पाइप लाइन है, टंकी है, घरों तक नल कनेक्शन भी हैं लेकिन पानी नहीं है। 9 साल पहले गांव में 40 हजार लीटर क्षमता वाली टंकी का निर्माण किया गया लेकिन इसे बोरिंग से जोड़ने वाली लाइन ही नहीं डाली गई। गांव में भी करीब 1100 मीटर लंबी पाइप लाइन डालना शेष रह गया। न पंचायत इसके लिए गंभीर रही और न ही पीएचई के अधिकारी। नतीजा, एक बार फिर से सेमलिया के रहवासियों के सामने जल संकट के रूप में आ गया है।

सेमलिया गांव में फिलहाल 4 बोरिंग के पास 2-2 हजार लीटर क्षमता वाली 4 पानी की टंकियां रखकर पानी सप्लाई किया जा रहा है। बोरिंग अब सूखने लगे है, छोटी टंकियां भरने में भी दिक्कतें आती है। हालात ऐसे बने है कि पानी पाने के लिए नंबर लगाने के दौरान हर रोज छुटपुट झगड़े हो रहे है। सुबह 4 बजे से पानी की कतार लगना शुरू हो जाती है और रात होने तक कतार में लोग इंतजार करते रहते है। सरपंच प्रतिनिधि करण सिंह मौर्य की माने तो जल प्रदाय योजना को पूर्ण करने के लिए शासन की गाइड लाइन के अनुसार पीएचई को रुपए जमा कराए जा चुके है, इसके बावजूद अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे है।

स्वीकृति के प्रयास करेंगे

सेमलिया में पीएचई की परियोजना नहीं है, परियोजना में अतिरिक्त खर्च का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। स्वीकृति के लिए प्रयास किए जा रहे है। पी.के. धवन, ईई पीएचई

नलकूपों ने पानी देना कम कर दिया है, छोटी टंकियों के अलावा टेंकर्स से जलप्रदाय व्यवस्था कर ग्रामीणों को राहत देने का प्रयास कर रहे है। करण सिंह मौर्य, सरपंच प्रतिनिधि

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