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8 साल पहले 16 विधायकों को अयोग्य घोषित कर येद्दि सरकार बचाने वाले बोपैया प्रोटेम स्पीकर

3 वर्ष पहले
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1 येद्दियुरप्पा सरकार अभी कोई भी पॉलिसी से जुड़े फैसले नहीं लेगी। एंग्लो-इंडियन सदस्य भी मनोनीत नहीं होगा।

2 सदन में बहुमत साबित करने के दौरान कनार्टक के डीजीपी उचित सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी लेंगे।

3 सरकार बनाने के लिए भाजपा को न्योता देने का फैसला सही या नहीं, इस पर 10 हफ्ते बाद सुनवाई करेंगे।

जब सुनवाई करते जस्टिस सिकरी ने सुनाया लतीफा...

व्हाट्सअप पर एक चुटकुला देखा था- बेंगलुरू के रिजाॅर्ट के मालिक ने कर्नाटक के राज्यपाल को फोन करके बताया कि उसके पास 117 िवधायक हैं। और वह सरकार बनाना चाहता है। क्या राज्यपाल रिजॉर्ट के मालिक के सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करेंगे?’ -जस्टिस एके सिकरी

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यह तस्वीर 12 अक्टूबर 2010 की है। कर्नाटक में तब भी सरकार भाजपा की थी। सीएम येद्दियुरप्पा थे और स्पीकर बोपैया। येद्दि को मदद करने के लिए बोपैया ने 16 विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया था। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। 13 मई 2011 के फैसले में कोर्ट ने कहा- ‘बोपैया ने पक्षपाती तरीके से काम किया। उन्होंने स्वाभाविक न्याय तक का उल्लंघन किया।’

कहीं आज वैसी ही स्थिति पैदा न हो जाए।

सभी दलों का एक-दूसरे पर आरोप

भाजपा नेता प्रीतम गौड़ा ने माना कि येद्दियुरप्पा के समर्थन में वोट जुटाने के लिए वह जेडीएस विधायकों के संपर्क में हैं।

कुमारस्वामी बोले- भाजपा ने दो विधायकों को अगवा किया है। लेकिन भरोसा है कि दोनों हमारे साथ ही आएंगे।

कांग्रेस ने ऑडियाे जारी कर भाजपा नेता जनार्दन रेड्‌डी पर विधायकों को लालच देने का आरोप लगाया।

कैसे बचेगी सरकार

सदन की इफेक्टिव स्ट्रेंथ 220 है। बहुमत 111 पर होगा। 8 विपक्षी विधायक येद्दि को वोट दें या कांग्रेस+जेडीएस के 15 विधायक गैर-हाजिर रहें या इस्तीफा दें, तभी सरकार बच पाएगी। 205 विधायकों में बहुमत 103 पर होगा। प्रोटेम स्पीकर बनने से भाजपा के पास भी 103 विधायक ही हैं।

कांग्रेस रात में फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंची

कर्नाटक के सियासी नाटक में उत्तर से दक्षिण तक दिनभर चला घटनाक्रम

दिल्ली संवैधानिक संस्था: सुप्रीम कोर्ट

(सुबह 10:30 से 11:30 बजे)

तीन जजों की बेंच ने कहा- राज्यपाल ने दुर्भावनापूर्ण तरीके से अपनी संवैधानिक शक्तियों का इस्तेमाल किया है।

जस्टिस सिकरी, अशोक भूषण और एसए बोबडे की बेंच

सबसे बड़ी पार्टी को बुलाना सही या गलत? कोर्ट इसकी सुनवाई को भी तैयार। 6 हफ्ते में जवाब मांगा है। इस पर 10 हफ्ते बाद होगी सुनवाई।

बेंगलुरू संवैधानिक संस्था: राजभवन

(दोपहर 3:30 से 4:00 बजे)

कोर्ट के फैसले के 4 घंटे बाद राज्यपाल वजुभाई वाला ने भाजपा नेता बोपैया को प्रोटेम स्पीकर की शपथ दिला दी। अमूमन सबसे सीनियर विधायक प्रोटेम स्पीकर बनाए जाते हैं। बोपैया 5 बार के विधायक हैं। सदन में 8 बार के विधायक भी हैं।

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