नपा कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान में धरना आठवें दिन भी जारी रहा। उन्होंने सरकार पर एस्मा का डर दिखाकर धरना खत्म कराने के आरोप लगाए। इस दौरान सर्व कर्मचारी संघ की उप प्रधान सविता देवी के नेतृत्व में सरकार विरोधी नारेबाजी की गई।
उन्होंने कहा कि 2014 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने कच्चे कर्मियों को पक्का, ठेकेदारी प्रथा खत्म करने का वादा किया था। लेकिन सत्ता मिलते ही पार्टी चुनावी वादों को भूल गई। जिस कारण कर्मियों को मजबूरन धरना-प्रदर्शन करना पड़ रहा है। कहा कि कच्चे कर्मियों को नियमित कर्मचारी के बराबर की काम करना पड़ता है। लेकिन उन्हें वेतन आधा भी नहीं मिलता। पिछले साल सुप्रीम कोर्ट से समान काम समान वेतन देने के आदेश दिए थे। लेकिन सरकार पालना नहीं कर रही, जिसका खामियाजा कच्चे कर्मियों को भुगतना पड़ रहा है। समाधान को लेकर 9 मई से धरने पर बैठे हैं, लेकिन सरकार उनकी ओर ध्यान नहीं दे रही। उल्टा एस्मा का भय दिखाकर धरना खत्म कराना चाहती है। लेकिन सभी कर्मचारी सरकार की तानाशाही के खिलाफ एकजुट हैं, और इंसाफ मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा। इस मौके पर उप प्रधान सविता, कमलसिंह, सुनील कुमार, किशनलाल, विनोद, ज्योतिदेवी, सीमादेवी, बीना, मंजूदेवी आदि मौजूद थे।
कर्मियों को एस्मा का डर दिखा धरना खत्म कराने के प्रयास
नांगल चौधरी. धरना स्थल पर सरकार विरोधी नारेबाजी करते सफाई कर्मचारी।