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हाईकोर्ट के स्टे आर्डर की अवहेलना कर सीएम से कराया नांगल चौधरी बस स्टैंड का शिलान्यास, जमीन का अधिग्रहण खारिज

3 वर्ष पहले
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नांगल चौधरी में बस स्टैंड निर्माण के लिए बहरोड़ रोड पर जमीन एक्वायर की गई थी, लेकिन उसकी प्रक्रिया से जमीन मालिक संतुष्ट नहीं हुआ, उन्होंने हाईकोर्ट में अपील दायर कर दी। वहां से 5 सितंबर को स्टे आर्डर मिल गए। इधर विभाग ने 13 नवंबर 2017 को मुख्यमंत्री से शिलान्यास करवा दिया और निर्माण के टेंडर भी छोड़ दिए। लेकिन कोर्ट के निर्देशानुसार 5 मार्च को जमीन अधिग्रहण कैंसिल हो चुका है। जिस कारण बस स्टैंड का निर्माण केवल शिलान्यास पट्टिका तक सिमटकर रह गया है।

बता दें कि नांगल चौधरी को तहसील व नगर पालिका का दर्जा मिल चुका। इसके बाद लोगों का शहर में आवागमन बढ़ गया, लेकिन उनकी सुविधा को लेकर शहर में स्थाई बस स्टैंड उपलब्ध नहीं। यात्रियों को हिसार-जयपुर सड़क मार्ग पर खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। जिस कारण शहर में जाम लगने तथा दुर्घटना के मामले बढ़ गए। 28 मई 2015 को नांगल चौधरी में विकास रैली में सीएम ने विधायक के आग्रह पर इसका बजट सैंक्शन कर दिया। विभिन्न औपचारिकताएं पूरी होने के बाद विभाग ने बहरोड़ रोड़ पर कॉलेज के पास जमीन इक्वायर की। लेकिन इस इक्वायर की प्रक्रिया से जमीन मालिक राजबीर जेलदार सहमत नहीं हुआ। उन्होंने हाईकोर्ट में अपील दायर कर दी। अधिग्रहण की प्रक्रिया पर सरकार संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी। जिस कारण कोर्ट ने 5 सितंबर को जमीन पर यथास्थिति, साथ ही सरकार को 6 महीने में याचिकाकर्ता को संतुष्ट करने के निर्देश दिए। अन्यथा जमीन का अधिग्रहण खारिज माना जाएगा। लेकिन सरकार ने याचिकाकर्ता से संपर्क करना उचित नहीं समझा, और 13 नवंबर 2017 को मुख्यमंत्री से बस स्टैंड का शिलान्यास करवा दिया। अदालती फैसले के मुताबिक पांच मार्च को अधिग्रहण कैंसिल हो चुका। ऐसे में बस स्टैंड का निर्माण फिर खटाई में पड़ता दिखाई दे रहा है।

नांगल चौधरी. सीएम द्वारा किया गया बस स्टैण्ड का शिलान्यास का पत्थर।

प्रॉपर्टी डीलरों को होगा आर्थिक नुकसान

बस स्टैंड निर्माण की घोषणा होते ही बहरोड़ रोड़ पर प्रोपर्टी के रेट रातोंरात बढ़ गए। निर्धारित जगह के आसपास धड़ाधड़ प्लाटिंग शुरू हो गई। लोगों को बाईपास व बस स्टैंड निर्माण का तर्क देकर महंगे भाव में प्लाट बेच दिए। अब अधिग्रहण खारिज होने से प्रोपर्टी डीलरों की चिंता बढ़ गई। खरीदे गए प्लाटों के भाव गिरना निश्चित है।

मोहनपुर की तरफ जमीन इक्वायर की चर्चाएं तेज

बहरोड़ रोड़ पर रुकावट उत्पन्न होने पर लोगों में बस स्टैंड निर्माण की चर्चाएं तेज हो गई। सूत्रों की मानें तो विभाग ने मोहनपुर की तरफ जमीन तलाशनी आरंभ कर दी। निर्धारित रेटों में 2-3 किसान जमीन देने को तैयार हो गए। जिस पर विभाग अगले दो-तीन महीने में निर्णय ले सकता है। पहले भी मोहनपुर की सीमा में बस स्टैंड मंजूर हो चुका है, लेकिन तकनीकी कारणों के चलते सिरे नहीं चढ़ पाया था।

जमीन अधिग्रहण में बरती अनियमितताएं : हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता राजबीर जेलदार ने बताया कि विभाग ने जमीन अधिग्रहण में अनियमितताएं बरती हैं। रोड पर फ्रंट अधिक इक्वायर कर लिया गया। पिटीशन दायर करने पर हाईकोर्ट ने पांच सितंबर को स्टे आर्डर दिए थे। निर्धारित अवधि खत्म होने के बाद पांच मार्च को अधिग्रहण कैंसिल हो चुका। अब जमीन का इंतकाल वापस मेरे नाम कराने में जुटा हुआ हूं।

हाईकोर्ट के आदेशों पर निर्माण रोका : परिवहन विभाग नारनौल के नाजिर सज्जन सिंह ने बताया कि नांगल चौधरी बस स्टैंड का शिलान्यास व टैंडर छोड़ने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन हाईकोर्ट के स्टे आर्डर मिलने पर निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया। यह मामला हैड क्वार्टर चंडीगढ़ में पेंडिंग है, वहां से जैसे निर्देश मिलेंगे उनकी पालना की जाएगी।

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