251 महिलाओं ने कलशयात्रा के साथ मांगीं मन्नतें
नांगल चौधरी | समाजसेवी डॉ. गजे सिंह चोपड़ा ने कहा कि धार्मिक अनुष्ठान औपचारिकताओं के प्रतीक नहीं होते, इनसे मन का शुद्धिकरण तथा परोपकारी होने की प्रेरणा मिलती है। शनि जयंती समारोह में उन्होंने कहा कि पूरा विश्व में एकमात्र भारत ही ऐसा देश है, जहां देवताओं ने जन्म लिया है। विभिन्न रूप धारण करके उन्होंने बुराइयों के प्रतीक राक्षसों का संहार किया है। उनकी पूजा करने से मन के भाव निर्मल हो जाते हैं। एक-दूसरे के काम आने की ललक उत्पन्न होती है। इस मौके पर मंगलवार सुबह 351 महिलाओं ने कलश के साथ शोभायात्रा निकाली। इस मौके पर राजू किलानियां, पवन सैनी, ज्ञानचंद, बंशीलाल, सचिन भार्गव, रमेशचंद, मदनलाल व लक्ष्मी सोनी आदि मौजूद थे।