दोंगली के अवनीत जापान में दिखाएंगे अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा
मजबूत इरादे, कठोर संकल्प तथा निरंतरता पूर्वक परिश्रम करना ही सफलता की कुंजी है। यह साबित कर दिखाया दोंगली निवासी छात्र अवनीत ने। जिसने पिछले दिनों आतंकी हमलों पर अंकुश लगाने के लिए माइन डिटेक्टर रोबोट का अविष्कार किया था। एकत्रित कबाड़ से सोलर साइकिल का अविष्कार करके भोपाल में नेशनल स्तरीय पुरस्कार जीता। अब प्रतिभा का आंकलन करने के लिए जापान ने आमंत्रित किया। भारत से 32 विद्यार्थी 19 मई को टोक्यो के लिए रवाना होंगे।
बता दें कि दोंगली निवासी सुधीर कुमार के तीन पुत्र हैं। दो बड़े बेटे बीकॉम व आइटीआई की पढ़ाई कर रहे हैं। आर्थिक तंगी के चलते उन्होंने छोटे पुत्र अवनीत का दाखिला सीनियर सेकेंडरी स्कूल कमानिया में करवाया दिया। जिसमें मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं, इसके बावजूद प्रतिभाशाली ने हौंसला नहीं छोड़ा। जिसमें बाजार के खिलौने देखकर मॉडल बनाने की जिज्ञासा उत्पन्न हो गई। ब्लॉक स्तरीय साइंस स्पर्धा में अवनीत ने सबसे पहले बैटरी संचालित कार का मॉडल तैयार किया। प्रथम पुरस्कार मिलने पर छात्र का मनोबल बढ़ गया। इसके बाद सोलर बाइक का अविष्कार किया, जिसकी प्रदेश स्तर पर बेहद सराहना हुई। फरवरी महीने में आतंकियों द्वारा भारतीय सैनिकों पर हमला तथा शव को क्षत-विक्षत करने की घटना से छात्र बेचैन हो गया। उन्होंने विस्फोटक सामग्री को खोजने संबंधित यंत्र बनाने की ठानी। पिता से आर्थिक मदद मिलने के बाद छात्र ने माइन डिटेक्टर रोबोट तैयार किया।
विस्फोटक सामग्री द्वारा टेस्टिंग करने पर रोबोट सफल साबित हुआ है। इसके बाद सोलर साइकिल तैयार की, जिसमें सेंसर बोर्ड लगाया गया है, सवार को नींद आने की स्थिति में सायरन बजने लगेगा। यह साइकिल 20 किमी. प्रतिघंटे की रफ्तार से दौडऩे में सक्षम है। इस मॉडल को भोपाल राष्ट्र स्तरीय विजेता पुरस्कार मिला।उपलब्धियों से प्रभावित होकर जापान ने इंस्पायर अवॉर्ड स्कीम के तहत भारत के 32 विद्यार्थियों को आमंत्रित किया है। जहां इनकी प्रतिभा का आंकलन होगा। सफल विद्यार्थी को वहीं कंपनी में जॉब का ऑफर है।