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मापदंडों पर फिट नहीं गांगूताना, धोलेड़ा जोन के क्रेशर, डस्ट से 30 हजार ग्रामीणों की घुटने लगी सांस

3 वर्ष पहले
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गांगो ताना, धोलेड़ा, बखरीजा, जैनपुर, बांयल आदि गांवों की सीमा में 60से अधिक क्रेशर चल रहे हैं। अधिकतर क्रेशर निर्धारित मापदंडों पर खरे, उनकी डस्ट से विभिन्न गांवों के करीब 30 हजार ग्रामीणों की सांस घुटने लगी है। इस समस्या से अवगत कराने के बावजूद जिला प्रशासन समाधान करने को तैयार नहीं दिखता। उसकी इस लापरवाही से नाराज ग्रामीणों ने शनिवार विनोद यादव की अध्यक्षता में बैठक की, जिसमें जिला प्रशासन को सात दिन में हालात सुधारने का अल्टीमेटम देते हुए सड़क मार्ग जाम करने की चेतावनी दी।

इस बैठक में हेमंत बिगोपुर ने कहा कि क्रेशर व माईंस की मंजूरी देने से पहले जन सुनवाई हुई थी। जिसमें जिला उपायुक्त समेत विभिन्न विभागों के आला अधिकारी मौजूद थे। उस दौरान प्रशासन को प्रदूषण व पानी की समस्या से अवगत कराया गया था। तब आश्वासन दिया गया कि सभी क्रेशर संचालकों को मापदंडानुसार पौधे लगाने होंगे, पत्थर पिसाई करते समय पानी छिड़काव करना अनिवार्य रहेगा। यहां पानी उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में संचालक को दूसरे ब्लॉकों से पानी का प्रबंध करना होगा। आबादी क्षेत्र के नजदीक माईंस में हैवी ब्लास्टिंग नहीं करने का भरोसा दिया था, लेकिन क्रेशर संचालन की मंजूरी मिलते ही विभागीय मापदंडों को किनारे कर दिया गया। हैवी ब्लास्टिंग के चलते मेघोत बींजा में 20 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हो गए। जिसकी शिकायत जिला उपायुक्त, माईंस विभाग, प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड व अन्य सक्षम अधिकारियों को भेज दी गई, लेकिन कार्रवाई होना तो दूर की बात, अभी तक नुकसान का जायजा लेने भी नहीं पहुंचे हैं। जिससे ग्रामीणों को क्रेशर संचालक व प्रशासन की मिलीभगत होने का अंदेशा है। आक्रोशित ग्रामीणों ने बैठक में एक सप्ताह तक समाधान नहीं होने पर सड़क मार्ग जाम करने का फैसला लिया। इस मौके पर जिला पार्षद राजेश यादव, कालूराम डेलीगेट, मनपाल, मुनेश डेलीगेट, बीरसिंह पूर्व सरपंच, रामचंद्र नंबरदार, राकेश पहलवान, हवासिंह, बिल्लूराम सरपंच, जसवंत पूर्व सरपंच आदि मौजूद थे।

विभिन्न गांवों के जनप्रतिनिधियों की बैठक में जिला प्रशासन को एक सप्ताह में हालात सुधारने का अल्टीमेटम, सड़क मार्ग जाम की योजना

विधायक व सांसद को भेजेंगे पत्र

उन्होंने बताया कि मेघोत बींजा, बखरीजा, बिगोपुर, धोलेड़ा, मेघोत हाला, सरेली, इस्लामपुर गांव में करीब 30 हजार की आबादी है। शाम करीब सात बजे क्रेशर चलते ही गांवों में डस्ट का गुब्बार छा जाता है। जिसके प्रभाव से ग्रामीणों को सांस लेना मुश्किल हो गया। हलका विधायक डॉ. अभयसिंह यादव तथा सांसद धर्मबीर को पत्र भेजकर स्थिति से अवगत कराया जाएगा।

क्रेशर संचालकों पर धमकाने के आरोप : मेघोत बींजा, धोलेड़ा, बिगोपुर के ग्रामीणों ने बताया कि डस्ट की समस्या को लेकर क्रेशर संचालकों से मिलने गए थे, लेकिन उन्होंने बात करने से इंकार कर दिया। कहने लगे कि क्रेशर बंद होंगे तो राजनेता व अफसरों को भी नुकसान होगा। इसलिए शिकायतों का निपटारा कराना उनकी जिम्मेदारी है। यहां पानी की पहले ही किल्लत है, छिड़काव के लिए कहां से लेकर आएं। जवाब से मायूस ग्रामीण वापस घर लौट आए।

ओवरलोड डंपरों ने तोड़ी लिंक सड़कें : ग्रामीणों ने बताया कि डंपरों में 50-60 टन पत्थर ढोया जाता है। जबकि इनमें 20 टन माल लोड करने की क्षमता होती है। ओवरलोड के चलते गांगो ताना, बायल, धोलेड़ा, सरेली की सड़कें जर्जर हो चुकी है। जिस कारण सड़क हादसों पर अंकुश नहीं लग रहा।

नांगल चौधरी. क्रेशरों की डस्ट से परेशान ग्रामीणों को संबोधित करते विनोद मुलोदी।

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