सफाई कर्मचारी जितनी मेहनत करते हैं, उतनी पगार नहीं मिलती। सरकार को सहानुभूति पूर्वक विचार करके विभिन्न मांगे मंजूर कर लेनी चाहिए। लेकिन सरकार की मंशा डराकर धरना खत्म कराने की है, जो किसी भी सूरत में उचित नहीं। उक्त विचार इनेलो नेत्री मंजू चौधरी ने सफाई कर्मचारियों के धरने के समर्थन में व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था से भटक गई है। सत्ता की ताकत से कर्मचारी, व्यापारी, किसानों की आवाज दबाना चाहती है। ठेकेदारी प्रणाली के तहत लगे सफाई कर्मियों को मुश्किल से 10-12 हजार वेतन मिलता है। महंगाई के दौरान इस वेतन से घर खर्च चलाना संभव नहीं। समान काम समान वेतन लेना कर्मियों का हक है, जिसकी पुष्टि सुप्रीम कोर्ट भी कर चुका। लेकिन भाजपा की नीयत झूठ बोलकर सत्ता हासिल करना है। इसके बाद सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान सुनील कुमार ने विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। कहा कि जब तक उन्हें इंसाफ नहीं मिल जाता, धरने खत्म नहीं किए जाएंगे।
इनेलो नेत्री का सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को समर्थन, बोलीं
नांगल चौधरी. सफाई कर्मियों को संबोधित करतीं इनेलो नेत्री मंजू चौधरी।