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हैवी ब्लास्टिंग से दहला मेघोत बींजा, रात को चार घंटे घरों से बाहर खड़े रहे लोग, बखरीजा जोन में धरने पर बैठे ग्रामीण

3 वर्ष पहले
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बखरीजा माइंस में रात को करीब 11 बजे हैवी ब्लास्टिंग होने से पक्षियों में भगदड़ मच गई, इधर मकान गिरने की संभावना के चलते पहाड़ के साथ लगते ग्रामीण घरों से बाहर निकल गए। एक के बाद एक करके तीन हैवी ब्लास्टिंग हुई, जिस कारण ग्रामीणों को चार घंटे खुले आसमान नीचे बिताने पड़े। इस दौरान माईन्स विभाग के अफसरों से संपर्क किया गया, किंतु उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। जिससे आक्रोशित ग्रामीणों ने रोजाना एक घंटे धरने पर बैठने का निर्णय लिया है।

ग्रामीणों ने बताया कि मेघोत बींजा गांव पहाड़ की तलहटी पर बसा है। पहाड़ के दूसरी ओर बखरीजा गांव की सीमा लगती है। बखरीजा के पहाड़ को पत्थर खनन के लिए लीज पर छोड़ दिया गया। लीज के साथ में ही धोलेड़ा, बिगोपुर, सरेली गांव की सीमा में 60 से अधिक क्रेशर स्थापित हो चुके। जिन पर रोजाना 1500 से अधिक डंपर पत्थर सप्लाई करते हैं। विभागीय शर्तानुसार लीज या क्रेशर संचालक को पत्थर खनन, पिसाई के दौरान पानी का छिड़काव करना अनिवार्य है। कन्वेयर से 20-25 ऊंची दीवार निर्माण करना होगा, ताकि डस्ट पर अंकुश रहे। लेकिन बखरीजा जोन के क्रेशर व माईन्स में नियमों की पालना नहीं होती। रविवार की रात 11 बजे बखरीजा की माईन्स में अचानक हैवी ब्लास्टिंग हो गई। धरती कंपन से मकान धड़धड़ाने लगे, गिरने की संभावना के चलते लोग घरों से बाहर निकल गए। 45 मिनट बाद ग्रामीण अंदर घुसे ही थे, दुबारा ब्लास्टिंग हो गई। भयभीत ग्रामीणों ने फिर घर छोड़ दिया। शृंखलाबद्ध तीन हैवी ब्लास्टिंग होने से ग्रामीणों को चार घंटे घरों से बाहर रहना पड़ा। इस दौरान उन्होंने माईन्स विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया, किंतु उन्होंने फोन तक उठाना उचित नहीं समझा। आक्रोशित ग्रामीणों की सुबह 9 बजे गांव में मीटिंग हुई, इसके बाद बखरीजा माईन्स के पास टैंट लगाकर धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि पांच दिन तक रोजाना एक घंटे तक सांकेतिक धरना होगा। निर्धारित अवधि में समाधान नहीं हुआ, तो सड़क मार्ग को जाम कर दिया जाएगा।

इनके मकानों में पड़ी दरार, मुआवजे की गुहार : ग्रामीणों ने बताया कि हैवी ब्लास्टिंग की कंपन से सरजीत पुत्र खूबाराम, कर्णसिंह पुत्र राजाराम, नरोतम, सत्यनारायण, अमरसिंह, रमेश कुमार, रामसिंह, महेश, अनिल कुमार, प्रवीण, अमरचंद समेत 25 मकानों की दीवार व छत में दरार पड़ गई। पीड़ित मकान मालिकों ने जिला उपायुक्त से आर्थिक सहायता देने तथा माईन्स संचालक के खिलाफ गुहार लगाई है।

ताक पर मापदंड, 60 से अधिक क्रेशर प्लांट हैं धोलेड़ा, बिगोपुर, सरेली की सीमा में

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