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रणधीर की हत्या के बाद उसकी लाइसेंसी पिस्टल भी ले गए हत्यारे

3 वर्ष पहले
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गांव महुआखेड़ी के रणधीर की हत्या करने बाद बदमाश उसकी लाइसेंसी पिस्टल भी साथ ले गए। इस बात का खुलासा बुधवार को मृतक के परिजनों ने मीडिया कर्मियों के सामने किया है। वारदात के चार दिन बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है। परिजनों की सुरक्षा के लिए मृतक के घर पर पुलिस टीम को तैनात तो किया गया है लेकिन न तो टीम को हथियार उपलब्ध करवाए गए हैं और न ही वाहन।

वर्ष 2013 में हुए गुरदीप हत्याकांड के चश्मदीद गवाह रणधीर सिंह को जेल से लगातार गवाही न देने की धमकियां मिल रही थी। इसकी शिकायत उसने पुलिस से की थी और सेल्फ प्रोटेक्शन के लिए सरकार की तरफ से रणधीर को हथियार रखने का लाइसेंस जारी किया गया था। परिजनों के मुताबिक रणधीर अपनी पिस्टल हमेशा अपने पास रखता था। रविवार को भी उसके पास पिस्टल थी लेकिन उसे अपनी रक्षा करने का समय ही नहीं मिला। बताया जाता है कि जैसे ही वह अपनी प|ी और बच्चों को सत्संग घर में छोड़कर घर की तरफ रवाना हुआ तो करीब 300 मीटर की दूरी पर ही पीछे से आ रही एक कार ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर लगने के बाद रणधीर की कार आधी सड़क से नीचे उतर गई थी। इससे पहले की वह संभल पाता हमलावरों उस पर गोलियों की बौछार कर दी थी। बताया जाता है कि गोलियां लगने के बाद जब वह ढेर हो गया तो हमलावर मौके से भाग चुके थे लेकिन कुछ दूर जाने के बाद वापस आए और रणधीर का पिस्टल लेकर फरार हो गए। हालांकि सीआईए 2 के इंचार्ज कुलभूषण के नेतृत्व में पुलिस हत्यारों को पकड़ने का प्रयास कर रही है, लेकिन शातिर बदमाश पुलिस पकड़ से बाहर हैं।

पुलिस टीम के पास सुविधाएं नहीं| मृतक के परिजनों की सुरक्षा के लिए पुलिस अधिकारियों ने उसके घर पर पुलिस का पहरा तो लगा दिया है लेकिन न तो टीम के पास कोई आधुनिक हथियार है और न ही कोई वाहन। मात्र एक कारबाइन के सहारे पुलिस के तीन जवान रणधीर के परिवार की सुरक्षा के लिए तैनात हैं।

बदमाशों पर होगा एक लाख का इनाम

रणधीर के हत्यारों तक पहुंचने के लिए पुलिस किसी तरह की कोई कसर नहीं छोड़ रही है। सूत्र बताते हैं इस मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों ने एक पत्र लिखकर बदमाशों पर एक लाख का ईनाम घोषित करने की अपील भी की है। बदमाशों के पास रणधीर की पिस्टल का होना इसका बड़ा कारण माना जा रहा है। पिस्टल लोड बताया जा रहा है, जिसमें 6 गोलियां हैं। पुलिस को आशंका है कि सिरफिरे बदमाश इस पिस्टल से किसी और वारदात को अंजाम न दे दें।

नारायणगढ़ में रणधीर के परिजनों की सुरक्षा के लिए गांव महुआखेड़ी में तैनात पुलिसकर्मी।

पीसीआर, एसएचओ और मैं खुद समय-समय पर गांव महुआखेड़ी में जा रहा हूं। रणधीर के घर पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जल्द ही सभी आरोपी पुलिस गिरफ्त में होंगे। राजबीर सिंह डीएसपी, नारायणगढ़।

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