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खरीफ में 157 लाख हैक्टेयर में बुवाई का लक्ष्य, पिछले साल से पौने दो फीसदी कम
मानसून के अच्छे रहने की संभावनाओं के बावजूद कृषि विभाग ने इस बार खरीफ की बुवाई का लक्ष्य पिछले साल के मुकाबले पौने दो फीसदी कम रखा है। इस साल 156 लाख 68 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में बुवाई होने की संभावना जताई गई है, जबकि पिछले साल 159 लाख 47 हजार 630 हैक्टेयर में बुवाई हुई थी। खरीफ के दौरान आने वाली मांग से काफी अधिक बीजों की उपलब्धता होने का कृषि विभाग ने दावा किया है। इस बार बाजार में 8 लाख 90 हजार क्विंटल बीज उपलब्ध कराए जाएंगे, जबकि किसानों से 8.41 लाख क्विंटल बीजों की मांग आने की उम्मीद है। सरकार ने सामान्य रूप से बाजार में मिलने वाले उर्वरकों के अलावा 1.75 लाख मै. टन यूरिया और 50 हजार मै. टन डीएपी के भंडारण करके रखने का दावा किया है।
बीज अधिक उपलब्ध
कृषि विभाग में संयुक्त निदेशक डॉ. रामगोपाल शर्मा ने बताया कि इस बार राज्य में निजी और सरकारी एजेंसियों को मिलाकर कुल 8,90,000 बीज उपलब्ध है, जबकि बीजों की मांग 8,41,000 क्विंटल है। बाजरा का 1,35.884 क्विंटल, ज्वार का 25,317 क्विंटल, मक्का का 1,28,687 क्विंटल, धान का 15043 क्विंटल, मूंग का 80,374 क्विंटल, उड़द का 20,898 क्विं., चौला का 5,150 क्विं., मोठ का 22,144 क्विंटल, अरहर का 1421 क्विंटल, सोयाबीन का 2,47,167 क्विंटल, मूंगफली का 91,508 क्विंटल, तिल का 5,897 क्विं., अरंडी का 15,598 क्विंटल, ग्वार का 76,360 क्विं., कॉटन व बीटी का 18,552 क्विंटल बीज उपलब्ध है।
दो साल में बुवाई की स्थिति
खरीफ के लिए 2016 में 159 लाख 46 हजार 210 हैक्टेयर में और 2017 में 159 लाख 47 हजार 630 हैक्टेयर में बुवाई हुई थी। यह स्थिति सामान्य मानसून रहने के दौरान रही है। इस वर्ष मानसून पिछली बार की तरह ही सामान्य रहने की संभावना जताई गई है, फिर भी बुवाई के लक्ष्य कम रखे गए हैं। इसके विपरीत बीजों के वितरण की व्यवस्था पहले से अधिक रखी गई है।