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छह और राज्यों में 20 अप्रैल से लागू कर दी जाएगी इंट्रा-स्टेट ई-वे बिल प्रणाली
नई दिल्ली | इंट्रा ई-वे बिल प्रणाली 20 अप्रैल से और छह राज्यों में लागू की जाएगी। इनमें मध्यप्रदेश, हरियाणा, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड और त्रिपुरा शामिल हैं। बिहार के उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। इंट्रा-स्टेट ई-वे बिल के इन राज्यों के भीतर 50,000 रुपए से ज्यादा मूल्य के सामान के परिवहन के लिए ई-वे बिल बनवाना अनिवार्य होगा। अब तक यह प्रणाली छह राज्यों में लागू की जा चुकी है। उत्तर प्रदेश, गुजरात, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना में यह प्रणाली 15 अप्रैल से लागू की जा चुकी है। इससे पहले सिर्फ कर्नाटक में यह एक अप्रैल से प्रणाली लागू की गई थी। इससे पहले देशभर में इंटर-स्टेट ई-वे बिल प्रणाली एक अप्रैल से लागू की जा चुकी है।
जीएसटी रिटर्न फाइलिंग आसान बनाने पर हुई बात
जीएसटी रिटर्न फाइलिंग को आसान बनाने पर सुशील मोदी की अध्यक्षता में बने मंत्रिसमूह ने मंगलवार को उद्योग जगत के 40 प्रतिनिधियों और 15 टैक्स एक्सपर्ट्स से मुलाकात की। मंत्रिसमूह ने जीएसटी रिटर्न एक पेज के प्रारूप पर राय के लिए उन्हें सात दिन का समय दिया है। इस दौरान सुशील मोदी ने कहा, \\\"रिटर्न फाइलिंग को आसान बनाने का काम जारी है। आम सहमति से रिटर्न का नया प्रारूप तय किया जाएगा और इसे अंतिम मंजूरी के लिए जीएसटी काउंसिल के सामने पेश किया जाएगा।\\\'
वित्त मंत्रालय ने स्पष्टीकरण देकर बताया- कंपोजिशन स्कीम चुनने वालों के लिए रिटर्न प्रक्रिया हुई सरल
जिन कारोबारियों ने कंपोजिशन स्कीम का विकल्प चुना है उन्हें अपने रिटर्न फॉर्म में कुछ डिटेल भरने की जरूरत नहीं होगी क्योंकि रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म प्रणाली अभी तक अमल में नहीं आ पाई है। वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता वाली जीएसटी काउंसिल ने रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म पर अमल जून तक रोका है। वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को एक स्पष्टीकरण जारी कर यह साफ किया। इसके मुताबिक कंपोजिशन स्कीम चुनने वाले कारोबारियों की ओर से जीएसटीआर-4 फॉर्म के जरिए त्रैमासिक रिटर्न दाखिल करने के संबंध में कुछ सवाल उठाए थे।