लक्ष्य पूरा करने के लिए कर दी अविवाहित युवक की नसबंदी
जिले में परिवार नियोजन का लक्ष्य पूरा करने के लिए में बारां निवासी एक अविवाहित युवक की नसबंदी करने का मामला सामने आया है। युवक का आरोप है कि पेट दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचा था। वहां उसे 6 हजार रुपए व मोबाइल का लालच देकर अंता में आयोजित नसबंदी शिविर में भेज दिया गया। शहर की श्रमिक कॉलोनी निवासी अशफाक मोहम्मद ने बताया कि वह जयपुर में बस ड्राइवर है। उसके भतीजे का 26 अप्रैल को निकाह होना है, इसमें शामिल होने के लिए बारां आया हुआ था। 6 अप्रैल को पेट में दर्द होने पर जिला अस्पताल में परामर्श के लिए पहुंचा। वहां एक कार्मिक ने 6 हजार रूपए और एक मोबाइल देने का लालच दिया। इसके बाद अंता में आयोजित नसबंदी शिविर में ले गए। वह पढृा लिखा नहीं है। नसबंदी के दस्तावेजों पर किसने हस्ताक्षर किए, यह जानकारी भी उसे नहीं है। वह ऑपरेशन भी पेट दर्द का होना ही समझ रहा था।
पीड़ित
इस तरह की गलती हुई तो कार्रवाई की जाएगी
नसबंदी कराने वाले व्यक्ति के फार्म में पूरा ब्यौरा होता है। प|ी वगैरह की जानकारी होती है। इस तरह की गलती हुई है तो जांच कराई जाएगी और संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. सीताराम मीणा, डिप्टी सीएमएचओ (परिवार नियोजन)