सीएम के आदेश की पालना में 20 मंत्री फेल, 14 ने फोन नहीं उठाए
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ, जल संसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप, जलदाय मंत्री सुरेंद्र गोयल, राजस्व मंत्री अमरा राम, महिला बाल विकास मंत्री अनिता भदेल, पर्यटन मंत्री कृष्णेंद्र कौर दीपा ने पहले ही कॉल में खुद फोन उठाया और बात की। उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी और यूडीएच एवं स्वायत्त शासन मंत्री श्रीचंद कृपलानी ने दूसरे कॉल में खुद बात की। उद्योग मंत्री राजपालसिंह और संसदीय सचिव सुरेश रावत ने व्यस्तता के कारण बाद में खुद फोन कर बात की। संसदीय सचिव शत्रुघन गौतम और संसदीय सचिव लादूराम ने भी पहले ही कॉल में खुद फोन अटेंड किया।
इन मंत्रियों पर आदेश का असर नहीं, अन्य व्यक्तियों ने उठाए फोन
शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी के पीएसओ जीतेंद्र ने फोन उठाया और कहा मंत्री किसी के साथ बैठे हैं। गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया के किसी पीएसओ ने फोन उठाया लेकिन कुछ भी बोले नहीं। तीन बार किसी ने नहीं उठाया, लेकिन चौथी बार फोन पीएसओ ने उठाया तो भाषणों की आवाजें आ रही थी। कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी का फोन उठाने वाले व्यक्ति ने अपना नाम राधेश्याम बताया। सामान्य प्रशासन मंत्री हेम सिंह भड़ाना का फोन उनके पीएसओ के पास था। उद्योग मंत्री जसवंत यादव का फोन भी उनके पीएसओ ने उठाया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अरुण चतुर्वेदी का फोन भी उनके पर्सनल स्टाप ने उठाया। संसदीय सचिव जीतेंद्र गोठवाल के पीए ने फोन उठाया और कहा मैं बात करवाता हूं। फिर गोठवाल ने बात की। संसदीय सचिव डॉ. विश्वनाथ के पीए रवीश ने फोन उठाया और कहा वे किसी व्यक्ति के साथ व्यस्त है।
नंदलाल और युनूस सहित इन मंत्रियों ने फोन ही नहीं उठाए
टीएडी मंत्री नंदलाल मीणा, पीडब्लुडी एवं परिवहन मंत्री युनूस खान, देवस्थान मंत्री राजकुमार रिणवा, खाद्य सुरक्षा एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री बाबूलाल वर्मा, गौ पालन राज्य मंत्री ओटा राम, सुशील कटारा, जनजाति राज्य मंत्री कमसा मेघवाल, सहकारिता मंत्री अजय सिंह किलक, पंचायती राज मंत्री राजेंद्र राठौड़, ऊर्जा मंत्री पुष्पेंद्र सिंह, खान मंत्री सुरेंद्र पाल सिंह टीटी, चिकित्सा राज्य मंत्री बंशीधर बाजिया को तीन से चार बार फोन करने पर किसी ने भी अटेंड नहीं किया। संसदीय सचिव भैराराम चौधरी, कैलाश वर्मा, नरेंद्र नागर, ओम प्रकाश हुड़ला, भीमा भाई ने भी फोन नहीं उठाया। इनमें से कई पहली बार चुनाव जीते हैं। यहां तक कि पलट कर फोन भी नहीं किया।