भारत-रूस की कंपनियाें ने डिफेंस हार्डवेयर क्षेत्र में सात करार किए
मेक इन इंडिया के तहत भारत और रूस की कंपनियों के बीच सात एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके तहत रूस से खरीदे गए रक्षा उपकरणों के कलपुर्जे देश में ही बनाए जाएंगे।
चेन्नई में आयोजित रक्षा प्रदर्शनी में भारतीय आैर रूसी कंपनियों ने कलपुर्जे बनाने करार को अंतिम रूप दिया। रूस के सहयोग से भारत में बनने वाले कुल 48 आइटम की पहचान की गई है। उत्पाद हेलीकॉप्टर, विमान, नौसेना के सिस्टम है। इस एमओयू में लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड और जॉइंट स्टॉक कंपनी (भारतीय नौसेना के विभिन्न कार्यक्रमों व एफआरसीवी के लिए) के साथ हुए एमओयू शामिल हैं।
अनंत टेक्नोलॉजीज और जेएससी कंसर्न रेडियो इलेक्ट्रॉनिक टेक्नोलॉजीज और स्पेस एरा व केआरईटी करार भी हुए। अनंत टेक्नोलॉजीज ने रिसर्च एंड प्रोडक्शन कॉर्पोरेशन के साथ एमओयू भारत में टी 90 व टी 72 टैंकों के लिए तकनीकी व लॉजिस्टिक सहायता केंद्र बनाने के लिए हुए।
रूसी कंपनी जेएससी एजीएटी ने ओस्करोसोमैरीन व क्रांस्ने डिफेंस के साथ करार फ्रेगर रडार की बिक्री के बाद दी जाने वाली सहायता के अलावा फ्रेगट रडार के आधुनिकीकरण के लिए किया।