पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • प्रदेश में रेलवे की जमीन पर कब्जे के 25 हजार से भी अधिक मामले

प्रदेश में रेलवे की जमीन पर कब्जे के 25 हजार से भी अधिक मामले

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
केस 1 : राजस्थान के आमेट (चारभुजा रोड) रेलवे स्टेशन की छह हेक्टेयर जमीन पर पिछले 67 साल से अतिक्रमण चल रहा है। दस साल पहले सामाजिक कार्यकर्ता हुकुम राज बडाला ने रेलवे से अतिक्रमण की जानकारी चाही तो रेलवे ने कहा कि कोई भी अतिक्रमण नहीं है। बाद में रेलवे की ही जांच में यह साबित हुआ कि यहां रेलवे की कुल जमीन 12.67 हेक्टेयर है जिसमें से 2.45 हेक्टयेर पर अतिक्रमण है।

केस 2 : राजस्थान के मारवाड़ जंक्शन रेलवे स्टेशन की 21 हेक्टेयर जमीन पर स्थानीय लोगों का अतिक्रमण है। यह अतिक्रमण 60 साल से भी लंबे समय से चला आ रहा है। यहां रेलवे की जमीन पर गौरव पथ बन चुका है।

नियमों का बनाया जा रहा है मजाक : इंडियन रेलवे वर्क्स मैन्युअल की धारा 807 से 814 में यह हवाला दिया गया है कि रेलवे की जमीन का हर तीन माह में वेरिफिकेशन होना चाहिए। साल में कम से कम एक बार इसकी रिपोर्ट रेलवे के जोनल हैडक्वार्टर को भिजवाई जानी चाहिए। लेकिन किसी भी मंडल कार्यालय की ओर से इस धारा की पालना नहीं की जा रही।

अब जागे तो ली सुध : रेलवे बोर्ड ने स्टेशनों के पुनर्विकास की योजना के अंतर्गत अब स्टेशनों के आसपास की जमीन जिस पर अतिक्रमण किया हुआ है, जो बेकार एवं खाली पड़ी हैं। उन पर अब कॉमर्शियल एक्टिविटी को बढावा देने का निर्णय लिया है। इस दिशा में कई जोनल रेलवेज एवं मंडलों में काम भी शुरु कर दिया है।

अभी इस तरह की भूमि को चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं। जल्दी ही इस संबंध में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। - वेद प्रकाश, प्रवक्ता, रेलवे बोर्ड

खबरें और भी हैं...