महाभारत काल में इंटरनेट की बात पर निशाने पर त्रिपुरा के सीएम बिप्लव देब
अगरतला | महाभारत काल में इंटरनेट और सैटेलाइट कम्युनिकेशन होने की बात कहकर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब विरोधियों, शिक्षाविदों और सोशल मीडिया के निशाने पर आ गए हैं। वहीं त्रिपुरा के राज्यपाल तथागत रॉय ने मुख्यमंत्री का बचाव किया है। रॉय ने मुख्यमंत्री के बयान को प्रासंगिक बताया। उन्होंने ट्वीट किया, “पौराणिक समय में होने वाली गतिविधियों पर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री की टिप्पणी प्रासंगिक है। दिव्य दृष्टि और पुष्पक रथ जैसे उपकरण किसी प्रोटोटाइप या इस तरह की स्टडी के बिना संभव ही नहीं हैं।’
विपक्ष ने कहा- पीछे जाने वाली बात
त्रिपुरा की मुख्य विपक्षी पार्टी माकपा ने मुख्यमंत्री और राज्यपाल की बात को पीछे ले जाने वाला बताया। माकपा के राज्य सचिव बिजन धर ने कहा, दोनों संघ की विचारधारा से प्रभावित हैं। यह पिछड़ी सोच है। संघ जिस तरह से सोचता है, उसी तरह से ये सोचते हैं। त्रिपुरा कांग्रेस के उपाध्यक्ष तापस डे ने कहा, “यह अज्ञानता है। यह राज्य के लोगों का वास्तविक मुद्दों से ध्यान बंटाने की कोशिश है।’
बेकार की बातें करना कुछ नेताओं का शगल बना
साहा इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर फिजिक्स के पूर्व निदेशक बिकाश सिन्हा ने कहा कि बेकार की बातें करना कुछ नेताओं का शगल बनता जा रहा है। वे जो कह रहे हैं, वह बिलकुल अज्ञानता है। ऐसी टिप्पणियों का कोई मूल्य या अाधार नहीं है। इसमें कोई राजनीतिक सोच हो सकती है। जादवपुर यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन के प्रवक्ता ने कहा कि हम आम लोगों को भ्रमित करने वाले ऐसे बयानों के खिलाफ एक निंदा प्रस्ताव पास करेंगे।
विपक्षी दलों, शिक्षाविदों ने बताया अज्ञानता और भ्रम फैलाने वाला बयान