नियम-134ए के तहत निजी स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों के अभिभावकों ने गुरुवार को एसडीएम/जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर स्कूल में उनके बच्चों के साथ दोगला व्यवहार करने का आरोप लगा उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की। डीईओ मुकेश लावणिया ने इस मामले को गंभीरता से लेकर शिकायत मिलने वाले निजी स्कूलों के प्राचार्यों को अपने कार्यालय में तलब करके दाखिले के अनुसार सभी बच्चों को उसी कक्षा में सभी बच्चों के साथ बैठाकर पढ़ाने के निर्देश दिए। कहा कि नियम-134ए के तहत दाखिले लेने वाले बच्चों की संख्या के हिसाब से फीस का एस्टीमेट बनाकर डीईओ कार्यालय भिजवाएं, ताकि उन्हें स्वीकृति के लिए आगे भेजा जा सके।
अभिभावक सुरेंद्र, अशोक, सतीश, विजय लक्ष्मी, सरोज, संतलाल, मोहन सिंह, कुलदीप, नरेश व सीमा ने एसडीएम/डीईओ को सौंपे अपने ज्ञापन में बताया कि निजी स्कूल संचालक उनके बच्चों को उनकी कक्षा के बच्चों के साथ बैठाने की बजाय सभी कक्षाओं के बच्चों को एक साथ बैठाया जा रहा है। उनकी पढ़ाई पर भी नाममात्र का ध्यान दिया जा रहा है। इतना ही नहीं, उनके बच्चों को स्कूल बस में नहीं बैठाया जा रहा है। इस प्रकार निजी स्कूलों के प्राचार्य नियम-134ए के तहत दाखिला लेने वाले बच्चों के साथ दोगला व्यवहार कर रहे हैं। इससे उनके बच्चों में हीन भावना पैदा होने लगी है तथा बच्चे डिप्रेशन में भी आने लगे हैं। अभिभावकों ने बताया कि इसकी शिकायत 7 मई को शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा से भी की गई थी। शिक्षा मंत्री ने डीईओ को इस मामले में जल्द उचित कार्रवाई कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन 9 दिन बाद भई निजी स्कूल प्राचार्य के व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया है। इसके चलते आज उन्हें पुन: लेकर आना पड़ा है। इसलिए एसडीएम/डीईओ से उनका आग्रह है कि इस मामले में उचित कार्रवाई करते हुए निजी स्कूल प्राचार्य को नियम-134ए के तहत दाखिला लेने वाले बच्चों को उसी की कक्षा में बैठा कर बिना किसी भेदभाव के पढ़ाया जाए। स्कूल आने-जाने के लिए वाहन की भी उचित व्यवस्था की जाए। वे वाहन का किराया देने को तैयार हैं।
शिक्षामंत्री के गृह जिले में शिक्षा नियम ताक पर....
नारनौल. निजी स्कूलों में दाखिला लेने वाले बच्चों को अलग बिठाने की सिकायत लेकर डीईओ कार्यालय पहुंचे अभिभावक।
वाहनों पर चस्पा करें बच्चों के नामों की लिस्ट
अभिभावकों की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए डीईओ ने सभी स्कूल प्राचार्य को अपने वाहनों पर बच्चों की नाम व गांव सहित सूची चस्पा करें। रिक्त सीटों पर नियम-134ए वाले बच्चों को बेरोक-टोक बैठा कर लाएं। इसका अभिभावक के किराया लें। यदि किसी रूट पर बच्चों की संख्या पर्याप्त हो जाती है तो वहां नए वाहन की भी व्यवस्था करें।
नारनौल व अटेली में संबंधित बीईओ करेंगे स्कूलों की जांच
डीईओ ने बच्चों को अलग बैठाने की शिकायत पर बोलते हुए कहा कि अब नारनौल खंड में बीईओ सुनील कुमार रोजाना तीन से चार बार स्कूलों का औचक निरीक्षण कर जांच करेंगे। इसी प्रकार अटेली ब्लाक में बीईओ राजेंद्र सिंह स्कूलों का औचक निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लेंगे। इस दौरान यदि किसी स्कूल में बच्चों को अलग बैठाने जैसा मामला सामने आया तो संबंधित स्कूल के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।