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ग्रामीणों को बर्बादी रुके इसलिए एनएच-11 पर प्रस्तावित बाइपास पर रोकने की मांग

3 वर्ष पहले
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ग्राम पंचायत मिर्जापुर-बाछौद की ओर से उपायुक्त को ज्ञापन देकर गांव में एनएच-11 पर प्रस्तावित बाईपास पर रोक लगाने की मांग की गई है। ग्राम पंचायत का कहना है कि यदि उनकी इस मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया गया तो कई परिवार उजड़ जाएंगे। जिसके चलते उनके पास गांव से पलायन करने के अलावा कोई चारा नहीं रहेगा। ऐसे में ग्राम पंचायत का प्रशासन व सरकार से आग्रह है कि गांव के अंदर से गुजर रहे एनएच-11 को ही चौड़ा किया जाए या फ्लाईओवर का निर्माण करवाया जाए। इससे ग्रामीणों को बर्बाद होने से बचाया जा सकेगा।

ज्ञापन देने वालों में सरपंच अतर सिंह, पार्षद इंद्रपाल, नंबरदार रामसिंह, धर्मेंद्र नंबरदार, डा.रामसिंह, श्योबक्स, शेरसिंह, पूर्व सरपंच प्रकाश सिंह, कृष्ण कुमार, हनुमान सिंह, सूरत सिंह, शेरसिंह, सत्यवीर, महावीर प्रसाद, हरमेंद्र सिंह, बीर सिंह, श्यामलाल अमर सिंह, जोगेंद्र सिंह व रामेश्वरदयाल आदि ने ज्ञापन में बताया कि मिर्जापुर-बाछौद के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती है। गांव की चाही जमीन है। मीठे पानी की पर्याप्त व्यवस्था है। ऐसे में यहां खेती भी अच्छी होती है। जिससे किसान भली प्रकार से अपने परिवारों का भरण-पोषण चला रहे हैं। अब सरकार ने यहां बाईपास को मंजूरी दे दी है। जो मिर्जापुर-बाछौद की चाही जमीन के अंदर से होकर गुजरेगा। इससे मिर्जापुर-बाछौद के सैकड़ों परिवारों की चाही जमीन बाईपास में चली जाएगी। इसलिए मिर्जापुर-बाछौद के समस्त ग्रामीणों की प्रशासन व सरकार से मांग है कि नए बाईपास पर रोक लगाई जाए तथा गांव के अंदर से गुजर रही सड़क को ही दोनों तरफ चौड़ा किया जाए। क्योंकि यहां दोनों तरफ पर्याप्त जमीन भी उपलब्ध है। यदि ऐसा संभव नहीं हो तो फ्लाई ओवर का निर्माण करवाया जाए।

सुझाव दिया कि बाईपास की बजाय हाईवे की सड़क को ही चौड़ा करें या फ्लाईओवर बने

नारनौल. गांव मिजार्पुर-बाछोद में प्रस्तावित बाईपास पर रोक लगाने की मांग को लेकर डीसी को ज्ञापन देने आई ग्राम पंचायत

मांग की अनदेखी हुई तो करेंगे आंदोलन : ग्रामीणों ने अपने ज्ञापन में कहा कि यदि उनकी इस मांग की अनदेखी की गई तो उन्हें मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। क्योंकि वे गांव को बर्बाद होता नहीं देख सकते। उन्होंने बताया कि गांव मिर्जापुर-बाछौद की काफी जमीन पहले हवाई पट्टी, रेलवे स्टेशन व रेलवे लाइन में जा चुकी है। अब बाईपास में जमीन चली गई तो वे भूमिहीन हो जाएंगे।

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