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अति कुपोषित बच्चों को 150 दिन सप्लीमेंटरी फूड खिलाएंगी आंगनबाड़ी वर्कर्स

3 वर्ष पहले
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पौष्टिक भोजन के अभाव में बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास नहीं हो पाता। इसके समाधान को लेकर सरकार ने राष्ट्रीय पोषण योजना के तहत अति कुपोषित बच्चों को सप्लीमेंटरी फूड खिलाने की योजना बनाई है। स्वास्थ्य विभाग व चिकित्सकों की संयुक्त कमेटी इस योजना की प्रोग्रेस का हर हफ्ते मूल्यांकन करेगी।

विभाग का मानना है कि सभी घरों में पौष्टिक भोजन की सामग्री उपलब्ध है, किंतु महिलाओं को पकाने या गुणवत्ता के तालमेल की सटीक जानकारी नहीं होती। रोजाना एक ही प्रकार के व्यंजन खुद व परिवार को खिलाते रहने से शरीर में पोषक तत्वों के असंतुलन होने की समस्या बढ़ गई है। विशेषकर महिलाओं में एनीमिया की समस्या उत्पन्न होने लगी है। जिसके प्रभाव से बच्चा कुपोषित होने का खतरा बना रहता है। हालांकि गांवों में हरी सब्जियां व दालें (साटी, बथुआ, पालक, चना, मूंग) नि:शुल्क अथवा सुविधापूर्वक उपलब्ध होती हैं। जिसमें पोषक तत्व प्रचूर मात्रा में होते हैं। लेकिन महिलाओं को उपलब्ध सामग्री की पौष्टिकता का तालमेल करने की जानकारी नहीं होती।

इसलिए विभाग ने पीड़ित बच्चों को सप्लीमेंटरी फूड मुहैया कराने का निर्णय लिया है। नांगल चौधरी ब्लॉक से रेड जोन में शामिल कुपोषित बच्चों को सप्लीमेंटरी फूड खिलाने की शुरुआत की गई है।

कुपोषण से लड़ाई
नांगल चौधरी में 19 कुपोषित बच्चे सूचीबद्ध, 5 अति कुपोषित को मिलेगा पौष्टिक आहार, डॉक्टरों की टीम करेगी मॉनीटरिंग
...तो बच्चों में दोबारा नहीं आएगा कुपोषण
सप्लीमेंटरी फूड का टेस्ट स्वादिष्ट, 150 दिन लगातार करना होगा सेवन : नांगल चौधरी आंगनबाड़ी कार्यालय में आयोजित सेमीनार में विशेषज्ञों ने बताया कि सप्लीमेंटरी फूड में विभिन्न पोषक तत्वों का मिश्रण है। जिससे शरीर का पाचन तंत्र स्ट्रांग होने के अलावा खनिजों की भरपाई हो जाएगी। 150 दिन लगातार फूड खाने के बाद बच्चा दोबारा कुपोषित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि टेस्ट स्वादिष्ट होने के कारण बच्चा खाने में आनाकानी भी नहीं करेगा।

45 सेमी. लंबाई वाले बच्चे का 2.30 किग्रा. वजन जरूरी
स्कूल हेल्थ चेकअप मिशन के चिकित्सक जिले सिंह ने बताया कि 0 से 6 साल के बच्चे की 45 सेंटीमीटर लंबाई पर 2.30 किलोग्राम वजन होना जरूरी है। दूसरी ओर लड़की का वजन 2.05 होना चाहिए। इससे कम वजन मिलने पर बच्चा यलो जोन की कुपोषित श्रेणी में दर्ज होगा।

पौष्टिक भोजन को लेकर विभाग अलर्ट
सीडीपीओ आशा शर्मा व सहायक हेमंत कुमार ने बताया कि ब्लॉक में 19 बच्चे कुपोषित हैं, पांच बच्चे रेड जोन में हैं, जिन्हें विशेष सप्लीमेंटरी फूड खिलाया जाएगा। आंगनबाड़ी वर्करों को निर्धारित चार्ट के अनुसार ही भोजन पकाने के निर्देश हैं। वर्करों को पौष्टिक भोजन तैयार करने का प्रशिक्षण दिया गया है।

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