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बीमारियों को जड़ से खत्म करती है होम्योपैथिक दवा

3 वर्ष पहले
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हरियाणा होम्योपैथिक मेडिकल काउंसिल के सदस्य डॉ. दिनेश गर्ग ने कहा है कि होम्योपैथिक दवाएं मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती हैं तथा बीमारियों का प्राकृतिक उपचार करती हैं। होम्योपैथिक दवाइयां एलोपैथिक दवाइयों की भांति रोग को दबाती नहीं, बल्कि शरीर के सारे विष को बाहर निकालकर बीमारियों को जड़ से खत्म कर देती है।

मनुमुक्त भवन की रविवार देर शाम संपन्न हुई 28वीं साप्ताहिक संगोष्ठी में ‘जटिल बीमारियां और होम्योपैथी’ विषय पर बोलते हुए राजस्थान आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय जोधपुर के विजिटिंग प्रोफेसर डॉ. गर्ग ने कहा कि होम्योपैथिक पद्धति से हर प्रकार की पुरानी असाध्य और जटिल बीमारियों को ठीक किया जा सकता है और इन दवाइयों का रोगियों पर कोई दुष्प्रभाव भी नहीं होता। भारत की चिकित्सा नीति को गलत बताते हुए डॉ. गर्ग ने कहा कि 4000 से अधिक प्रभावी दवाइयों पर आधारित इस विशिष्ट उपचार पद्धति पर चिकित्सा बजट का मात्र एक प्रतिशत ही खर्च किया जाता है जबकि एलोपैथिक के विकास पर बजट का 95 प्रतिशत खर्च सरकार द्वारा किया जा रहा है।

कार्यक्रम में चीफ ट्रस्टी डॉ. रामनिवास मानव ने मुख्य अतिथि को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह तथा प्रशस्ति पत्र भेंट करके सम्मानित किया। मंच संचालन डॉ. पंकज गौड ने किया। संगोष्ठी में जिला बाल कल्याण अधिकारी विपिन शर्मा, हैफेड के जिलाधिकारी डॉ. वाईएस परमार, विजय सिंह यादव, निगरानी समिति के सदस्य महेंद्र गौड़, जिला भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष सरला यादव, पूर्व प्राचार्य डॉ. शिवताज सिंह, अलवर के कवि संजय पाठक, डॉ. जितेंद्र भारद्वाज, बनवारी लाल शर्मा, कृष्ण कुमार, राम गोपाल अग्रवाल, किशनलाल शर्मा, गजानंद कौशिक, परमानंद दीवान, सरदार संतोख सिंह, बलदेव सिंह चहल सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।

कुल चिकित्सा बजट की महज एक फीसदी राशि ही खर्च होती है होम्योपैथी उपचार पद्धति पर

‘जटिल बीमारियां और होम्योपैथी’ विषय पर संगोष्ठी, हरियाणा होम्योपैथिक मेडिकल काउंसिल के सदस्य बोले

नारनौल. डॉक्टर दिनेश गर्ग को सम्मानित करते अतिथि।

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