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साप्ताहिक कार्यक्रम ‘एक जीवन-सड़क सुरक्षा’ संपन्न

3 वर्ष पहले
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से नागरिकों को सड़क सुरक्षा का पाठ पढ़ाने के लिए शुरू किया गया साप्ताहिक कार्यक्रम ‘एक जीवन-सड़क सुरक्षा’ का मंगलवार सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल नसीबपुर में समापन हुआ। इस अवसर पर एडीसी महावीर प्रसाद मुख्यातिथि थे। अध्यक्षता सीजेएम व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव विवेक यादव ने की। कार्यक्रम में बोलते हुए एडीसी ने कहा कि सड़क पर चलते समय नियमों का पालन न करके हम अपनी व दूसरों की जान को खतरे में डाल देते हैं, यह देश की आज सबसे गंभीर समस्या है। इसके लिए लोगों की मानसिकता बदलने की जरूरत है तथा इसको बदलने में युवा अपना अहम योगदान दे सकते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नियमों की अवहेलना होने पर अपने अभिभावकों को जरूर टोकें। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करने की शपथ भी दिलाई गई। कानूनी स्वयंसेवक टेकचंद यादव ने यातायात नियमों के बारे में विद्यार्थियों को विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर स्कूल मेनेजमेंट कमेटी के प्रधान विशाल सैनी, प्रिंसिपल शिवराज सिंह, प्रबंधक जेपी यादव, एडवोकेट गिरीबाला यादव, प्रवीण कुमार, संजय कुमार, बलदेव सिंह चहल, नरेश गोगिया, सहायक आरटीओ सविंद्र सिंह, राजेश, मनमथ गोस्वामी के अलावा अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।



यातायात नियमों की अवहेलना करने पर सामने वाले को जरूर टोकें : एडीसी

नारनौल. ‘एक जीवन-सड़क सुरक्षा’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों की पालना की शपथ दिलाते एडीसी महावीर प्रसाद व सीजेएम विवेक यादव।

घायल की मदद करने वाले से नहीं होगी कोई पूछताछ : सीजेएम विवेक यादव

सीजेएम विवेक यादव ने उच्चतम न्यायालय के 30 मार्च 2016 के आदेश केस ‘सेव लाइफ फाउंडेशन व अन्य बनाम यूनियन ऑफ इंडिया व अन्य’ का हवाला देते हुए कहा कि आम आदमी सड़क दुर्घटना में पीड़ित व्यक्ति की मदद करने से डरते हैं क्योंकि उन्हें पुलिस थाना व कोर्ट केस में गवाही के लिए जाने का ड़र होता है। लेकिन अब उच्चतम न्यायालय ने मोटर वाहन दुर्घटना से पीड़ित की मदद करने वालों की सुरक्षा के लिए निर्देश दिए हैं, जिसके अनुसार पुलिस या डाॅक्टर सड़क दुर्घटना के पीड़ित की मदद करने वाले से तरह-तरह की पूछताछ नहीं करेंगे और न ही उस व्यक्ति से उसका नाम पता इत्यादि पूछेंगे।

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