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भारत का हिंदू राष्ट्र होना ही सर्वधर्म सद्भाव की गारंटी : संत आचार्य धर्मेंद्र
श्री राम जन्मभूमि आंदोलन चलाने में विश्व हिंदू परिषद के मार्गदर्शक मंडल के सदस्य रहे फायर ब्रांड संत आचार्य धर्मेंद्र केंद्र की मोदी सरकार के चार साल के अब तक के कार्यकाल में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए सरकार द्वारा कुछ ठोस कदम न उठाए जाने से खफा हैं। बाबरी ढांचा गिरने के बाद इसमें शामिल होने के आरोप में अनेक केसों का सामना कर चुके आचार्य धर्मेंद्र मोदी सरकार द्वारा अब तक इस दिशा में कोई कानून न बनाने पर जितने खफा हैं, उससे ज्यादा उनका गुस्सा इस बात पर है कि पीएम बनने के बाद से लेकर अब तक 70 से ज्यादा देशों की यात्रा कर आए प्रधानमंत्री को आज तक अयोध्या जाने की फुर्सत नहीं मिली, वह भी तब जब राहुल गांधी वहां हो आए हों। नारनौल आगमन पर उनसे लंबी बातचीत हुई। प्रस्तुत हैं उनसे बातचीत के अंश-
सीधी बात
भास्कर : अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए बाबरी ढांचा गिराने के 26 साल बाद भी अब तक मंदिर बनाने का काम पूरा क्यों नहीं हुआ, इसके लिए दोष किसे देंगे?
आचार्य: जवाब-इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में गेंद डालना जनता के साथ विश्वासघात है। अगर मंदिर बनेगा या नहीं, ये सर्वोच्च अदालत तय करेगी तो सरकार क्या करेगी?
भास्कर : मंदिर निर्माण में देरी के लिए आप किसे दोषी मानते हैं?
आचार्य : 56 इंच की छाती को। यह मामला पहले से चल रहा है। अब सरकार है तो कानून क्यों नहीं बना सकते। लगता है कि इनकी नीयत में खोट है। जब पप्पू (राहुल गांधी) हनुमान गढ़ी हो आया, तो इन्हें क्या परेशानी है। ये जनकपुर जा सकते हैं, अयोध्या क्यों नहीं।
भास्कर : कश्मीर का मामला भी दिनोंदिन जटिल हो रहा है?
आचार्य: ‘जहां बलिदान हुए मुखर्जी, वह कश्मीर हमारा है।’ यह नारा लगाने वाले अब महबूबा मुफ्ती संग मिलकर सरकार चला रहे हैं। इन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि इसकी क्या मजबूरी है? हमारा एक सैनिक मारा जाता है तो वह भारी क्षति है। उस पर ओवेसी कहता है कि 15 मिनट मिलिट्री को रोक दो तो सारा कश्मीर हमारा हो जाएगा। ऐसा बोलने वाले ओवेसी पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
भास्कर : लेकिन केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद लगातार भाजपा की ताकत बढ़ी है?
आचार्य : ठीक है, इन्होंने 20 राज्य जीत लिए पर गाय ओर हिंदुत्व के मुद्दे का क्या हुआ? पीएम नेपाल कई बार गए। विश्व के इस इकलौते हिंदु राष्ट्र को अपने मुंह से आज तक हिंदू राष्ट्र नहीं कहा। इतना प्रचंड बहुमत मिला था तो लालकिले की प्राचीर से देश की जनता को आश्वासन देते कि गुरू तेग बहादुर के सपनों का भारत बनाऊंगा। पर इन्होंने तो उस प्रचंड बहुमत को देवालय से शौचालय बनाने के काम में समर्पित कर दिया। भारत को हिंदू राष्ट्र होना ही सर्वधर्म सद्भाव की गारंटी है। अल्पसंख्यकों को ऐसा होने से ही सुरक्षा की गारंटी मिल सकती है।
भास्कर : फिर वोट की राजनीति का क्या होगा?
आचार्य: (एकाएक भड़क जाते हैं)। क्या वे मुसलमानों के वोटों से जीते हैं। मोदी को मुसलमानों ने तो वोट दिए ही नहीं। त्रिपुरा में जीतते ही, लेनिन की मूर्ति तोड़ना बड़ा अपराध था। हम मूर्तिभंजक नहीं हैं। उसके बाद देशभर में अनेक स्थानों पर मूर्तियां टूटी। आज ये ही सरदार पटेल की मूर्ति चीनी तकनीक के सहयोग से बना रहे हैं। पटेल होते तो ऐसा न करने देते। जो चीन पर भरोसा करे, उसे बड़ा बेवकूफ कोई हो नहीं सकता। आडवानी को जिन्ना की कब्र पर फूल नहीं चढ़ाने चाहिए थे, पर ये बिन बुलाए कैसे शरीफ के यहां टपक पड़े। सच तो ये है कि मोदी गांधी नगर से दिल्ली की यात्रा के दौरान जितने ग्लोबल हुए हैं, उतना ही हिंदुत्व को नुकसान हुआ है।
भास्कर : मोदी सरकार के हिंदुत्व में मुद्दे पर आप नाराज हैं, तोगड़िया भड़क रहे हैं, आखिर ऐसा क्यों है?
आचार्य: तोगड़िया मामले में मेरा चुप रहना ही उचित रहेगा। जयपुर बैठक में मैने आचार्य गिरीराज किशोर से कहकर तोगड़िया को अंतरराष्ट्रीय महामंत्री का दायित्व दिलवाया। उसका पुरस्कार मुझे ये मिला कि जब विश्व हिंदू परिषद ने अपना स्वर्ण जयंती वर्ष मनाया तो उसके समारोह का मुझे निमंत्रण तक नहीं दिया गया। दूध में से मक्खी की तरह निकाल कर फेंक दिया गया।
भास्कर : केंद्र सरकार चुनाव के समय जनता से किए वायदों को पूरा क्यों नहीं कर पाई है?
भास्कर : मैं गुजरात गया था तब बड़े-बड़े वायदे किए गए थे। विराटनगर को बैराठ बनाएंगे। अहमदाबाद का नाम कर्णावती करेंगे। इलाहाबाद प्रयागराज होगा। एक भी वादा पूरा नहीं हुआ। उल्टे बीफ की तस्करी यहां हो रही है। भारत इसका सबसे बड़ा एक्सपोर्टर है। क्या 56 इंच का राज होने पर भी बीफ बिकेगा।
भास्कर : अब 2019 के आमचुनाव में क्या होगा?
आचार्य: वहीं होगा जो राम रचि राखा। वैसे आज उस बाबत कुछ नही कह सकता। देश में दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ी हैं। जहां धर्म गुरू का चोला पहनकर साध्वियों से दुष्कर्म किए जाते हों, वह समाज क्या फैसला करेगा, कुछ नहीं कहा जा सकता। भाजपा का प्रचार नहीं करूंगा। हिंदुत्व के जागरण के लिए वह करता रहूंगा।
श्री राम जन्मभूमि आंदोलन चलाने में विश्व हिंदू परिषद के मार्गदर्शक मंडल के सदस्य रहे संत आचार्य धर्मेंद्र बोले-