सरसों की खरीद बंद करना गलत, दोबारा शुरू की जाए
अखिल भारतीय किसान सभा के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन प्रेषित किया। इसके माध्यम से मांग की गई है कि सरसों व गेहूं की सरकारी खरीद दोबारा शुरू की जाए। जिन किसानों की सरसों बिक चुकी है उनकी पेमेंट तत्काल दी जाए।
ज्ञापन सौंपने से पहले प्रतिनिधिमंडल की बैठक हुई। बैठक को संबोधित करते हुए सभा के जिला सचिव शेरसिंह यादव ने कहा कि एक तरफ सरकार किसान की आय दोगुनी करने की बात कह रही है। दूसरी तरफ किसान की समस्याओं के प्रति बेरुखी का व्यवहार कर रही है। किसान अपनी फसल को समर्थित मूल्य पर बेचने की आस लगाए बैठा और सरकार ने खरीद ही बंद कर दी। बहुत से किसानों की बारी एक बार भी नहीं आई है। बेतुकी शर्तों के बहुत से किसानों की केवल 25 क्विंटल सरसों ही सरकारी भाव पर बिक सकी। शेष सरसों 3300 से 3400 रुपए प्रति क्विंटल के भाव पर बेचनी पड़ी। जिन किसानों की सरसों बिक चुकी है उनकी पेमेंट अभी तक नहीं आई है। ऐसे मं किसानों का आर्थिक गणित बिगड़ गया है। इसलिए सरकार तत्काल पेमेंट जारी करे तथा सरसों की दोबारा खरीद शुरू करके नया शेड्यूल जारी किया जाए।
जिला प्रधान महेंद्र कुमार ने कहा कि नहरों में पानी नहीं आने से ज्वार आदि चारे की फसल सूख रही है तथा कपास की बिजाई नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि फसलों के उन्नत किस्म के बीजों के दाम बाजारों में अनाप-शनाप वसूले जा रहे हैं। इसलिए सरकारी बीज बिक्री केंद्रों पर उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराए जाएं। आवारा पशु किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। इसलिए सरकारी अभ्यारण बनाकर आवारा पशुओं को उनमें छुड़वाया जाए ताकि किसानों की फसलें बर्बाद होने से बच जाएं। बैठक को भूपसिंह, लक्ष्मणदास, पूर्णचंद, लालाराम, मोहरसिंह, सर्वकर्मचारी संघ के नेता महेंद्र बोयत, किरोड़ीमल, कौशल कुमार आदि ने भी संबोधित किया।
किसान सभा ने सीएम के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन