पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • पहाड़ों पर बारिश से बुझेगी दक्षिण हरियाणा की प्यास

पहाड़ों पर बारिश से बुझेगी दक्षिण हरियाणा की प्यास

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
मध्य अप्रैल से अभी तक करीब-करीब हर हफ्ते वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) आते रहे। इनकी वजह से मैदानी इलाकों में जहां अधिकांशत: आंधी के साथ बूंदाबांदी हुई, वहीं पहाड़ों में खूब बारिश व बर्फबारी हुई। बारिश व बर्फबारी की वजह से यमुना व भाखड़ा में पानी का स्तर बढ़ गया है। इसका लाभ अब दक्षिणी हरियाणा को मिलेगा। यहां की नहरों में इस बार मांग के अनुरूप पानी मिलने की उम्मीद है।

पिछले 24 दिन से सूखी पड़ी नहरों के लिए खूबड़ू हेड से 18-19 मई को पानी छोड़ दिया गया है। जो झज्जर, भिवानी, दादरी व रेवाड़ी जिले की नहरों में तो पहुंच गया है और महेंद्रगढ़ में आज पहुंच जाएगा। खास बात यह है कि खूबड़ू हेड से पहले ही दिन 2500 क्यूसिक पानी जवाहर लाल नेहरू फीडर में छोड़ा गया है। जबकि डिमांड भी इतनी ही थी। अमूमन ऐसा होता नहीं है, क्योंकि मई जून के गर्मी के दिनों में पानी की उपलब्धता कम होती है। इस बार गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए भिवानी, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ व झज्जर जिले की ओर से 2500 क्यूसिक की डिमांड भेजी थी। जबकि सामान्यत: यह 2200 क्यूसिक रहती है। पहले ही दिन जब हेड खुलने पर 2500 क्यूसिक पानी मिल गया तो चारों जिलों सहित फीडर सर्कल ने अपने स्तर पर पता लगाया तो मालूम हुआ कि यमुना और भाखड़ा में इस समय खूब पानी है। तो सभी ने तत्काल अपनी डिमांड को 2500 से बढ़ाकर 3 हजार क्यूसिक कर दिया। इसमें सबसे अधिक महेंद्रगढ़ जिले की 1150, रेवाड़ी की 810, भिवानी-दादरी की 750 तथा शेष 210 क्यूसिक झज्जर जिले की है। जबकि सामान्य: इन दिनों में महेंद्रगढ़ जिले की 950, रेवाड़ी की 750, भिवानी की 550 तथा झज्जर जिले की 100 क्यूसिक की ही डिमांड रहती है। बारिश व बर्फबारी के चलते यमुना से फिलहाल 4 हजार तथा भाखड़ा से 3300 क्यूसिक पानी मिल रहा है। इसके चलते पहले ही दिन खूबडू हेड से जेएलएन फीडर में 2500 क्यूसिक पानी छोड़ा गया जो रविवार को बढ़कर 2800 क्यूसिक हो गया। सोमवार मंगलवार को यह 3000 क्यूसिक कर दिया जाएगा। क्योंकि नहरें 24 दिन से सूखी थीं। इसलिए आरंभ में कम पानी चलाया गया है ताकि लीकेज वगैरह से नहर टूट ना जाए। जब सिस्टम रनिंग कंडीशन में आ जाता है तो धीरे-धीरे पानी बढ़ा दिया जाता है।

पानी की अब नहीं होगी राशनिंग : नहरें 24 दिन पहले बंद हुई थीं। जबकि शहर के वाटर टैंकों की पानी स्टोरेज क्षमता 16 दिन की है। इस कारण पानी की राशनिंग करनी पड़ती है। सोमवार को नहर में पानी आने के साथ ही रेवाड़ी रोड तथा नसीबपुर जलघर के वाटर टैंकों पानी की स्टोरेज शुरू हो जाएगी। अगले दिन से इसकी लिफ्टिंग शुरू होने के साथ सप्लाई भी रुटीन में आ जाएगी।

नारनौल में आज पहुंच जाएगा, भरे जाएंगे जोहड़ व वाटर टैंक

जेएफ-2 हेड से रविवार सुबह छोड़ा गया पानी सोमवार सुबह नारनौल डिविजन में पहुंच जाएगा। नारनौल डिविजन के लिए 350 क्यूसिक पानी की डिमांड है। पानी की उपलब्धता के अनुसार इस बार यहां भी पूरा पानी मिलने की उम्मीद है। इसको ध्यान में रखते हुए डिविजन के अधिकारियों ने भी तैयारी कर ली है। आंरभ में नोलपुर, हसनपुर व शहबाजपुर डिस्ट्रीब्यूटरी को चलाया जाएगा। बचत का पानी अटेली व दोचाना सिस्टम में छोड़ा जाएगा। सेकेंड फेज में अटेली व दोचाना को फुल तथा बचत का पानी नोलपुर व हसनुपर में छोड़ने की प्लानिंग है।

महेंद्रगढ़ कैनाल में 1050, रेवाड़ी में चल रहा 800 क्यूसिक : जेएलएन फीडर में खुबड़ू हेड से शुक्रवार-शनिवार को छोड़ा गया पानी शनिवार देर रात को जवाहर लाल नेहरू फीडर के पंप हाउस नंबर-1 पर पहुंच गया था, जो रविवार अल सुबह जेएफ-2 पंप हाउस पर आ गया। गेज बनने के बाद सुबह करीब 7 बजे जेएफ-2 से लिफ्टिंग शुरू कर दी गई। पीछे से मिल रहे पूरे पानी की वजह से यहां से भी महेंद्रगढ़ कैनाल में 1050 तथा रेवाड़ी के लिए जेएलएन कैनाल में 800 क्यूसिक पानी चलाया जा रहा है। जो एक दो दिन में सिस्टम रूटीन में आने के बाद मांग के अनुसार पूरा कर दिया जाएगा। महेंद्रगढ़ की ओर से 1150 तथा रेवाड़ी की ओर से 870 क्यूसिक की डिमांड की गई है। जबकि आमतौर पर यहां से आंरभ में 750 तथा 600 क्यूसिक के आस पास ही पानी चलता है। जो बाद में बढ़कर 900 व 700 क्यूसिक तक मुश्किल से पहुंच पाता है। जबकि इस बार शुरू में ही 1050 और 800 क्यूसिक पानी छोड़ा गया है।

यमुना से 4 हजार तथा भाखड़ा से 3300 क्यूसिक पानी मिल रहा है। जब तक पीछे से अच्छा पानी मिलता रहेगा जवाहर लाल नेहरू फीडर में डिमांड के अनुसार पूरा पानी देंगे। सब पानी की उपलब्धता पर निर्भर करता है। हालातों को देखते हुए लगता है इस बार पूरी टर्न अच्छा पानी मिलेगा। -अरुण मुंजाल, कार्यकारी अभियंता, जेएलएन फीडर रोहतक।

पानी आज पहुंच जाएगा। पीछे पानी की उपलब्धता को देखते हुए हमने अपनी डिमांड बढ़ा दी है। इसके अनुसार पानी मिल रहा है। अगर पूरा पानी मिला तो सभी रनिंग टेल फीड कर दी जाएंगी। प्राथमिकता वाटर टैंक व पोंड्स फीड करने की है। -एसके यादव, अधीक्षक अभियंता, जेएलएन वाटर सर्किल, नारनौल।

लिफ्टिंग की है फुल कैपेसिटी

जेएफ-1 व 2 के कुछ पंपसेट्स व बिजली पैनल बदल दिए हैं तथा जिनमें थोड़ी बहुत खराबी थी उनकी मरम्मत करवा दी है। अब दोनों पंप हाउसों की लिफ्टिंग कैपेसिटी फुल है। जेएफ-1 से 3 हजार तथा जेएफ-2 से 2200 क्यूसिक तक पानी उठाने में सक्षम हैं। यहीं नहीं कोई खराबी आने पर स्टैंडबाई सिस्टम भी है। सिंचाई विभाग हरियाणा की एडवाइजरी व मॉनिटरिंग कमेटी के कन्वीनर डॉ. अभय सिंह यादव का कहना है कि जेएलएन सिस्टम का 143 करोड रुपए से रिहैबिलिटेशन किया जा रहा है। सिस्टम के रिहैबिलिटेशन का ही परिणाम है कि इस समय जेएफ-1 व 2 फुल पानी लिफ्ट कर रहे हैं। जबकि पहले सिस्टम को रनिंग कंडीशन में आने में दो तीन दिन लग जाते थे।

खबरें और भी हैं...